Edited By Rahul Rana,Updated: 31 Jul, 2026 07:18 PM

भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में चल रही पाकिस्तानी सेना और प्रशासन की बर्बर कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तानी प्रशासन वहां के निर्दोष नागरिकों पर क्रूर बल प्रयोग कर रहा है।
नई दिल्ली: भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में चल रही पाकिस्तानी सेना और प्रशासन की बर्बर कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तानी प्रशासन वहां के निर्दोष नागरिकों पर क्रूर बल प्रयोग कर रहा है। इस हिंसा में 40 से अधिक बेगुनाह लोगों की जान चली गई है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। MEA ने इसे पाकिस्तानी प्रशासन की बेगुनाह लोगों के प्रति खुली नफरत का सबूत बताया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाक रक्षा मंत्री ने तो विरोध प्रदर्शन कर रहे अपने ही नागरिकों को “दुश्मन” तक करार दे दिया।
पाकिस्तान की उल्टी बंदूकें
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक ने खुद स्वीकार किया है कि जिन ‘मुजाहिदीन’ को पाकिस्तानी राज्य ने ट्रेनिंग, फंडिंग और हथियार दिए तथा भारत के खिलाफ भेजा, वे अब अपनी बंदूकें अपने ही देश की सरकार की ओर मोड़ चुके हैं। रणधीर जायसवाल ने कहा कि PoK में हुए तथाकथित चुनाव पाकिस्तानी प्रशासन के हिंसक शासन के लिए शर्मनाक अस्वीकृति हैं। स्थानीय लोगों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है कि वे वहां हो रही गैर-कानूनी हत्याओं की निष्पक्ष जांच करें। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मजबूत अपील करते हुए कहा कि पाकिस्तान की इन ज्यादतियों की जांच हो और उसे अपने अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।
रावलकोट में क्या हुआ?
पाक अधिकृत कश्मीर के रावलकोट इलाके में स्थानीय लोगों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर गोलियां चला दीं, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने इस हिंसा की निंदा करते हुए मारे गए लोगों की सूची जारी की थी।