दस्तावेजों में हेरफेर कर करोड़ों की जमीन हड़पने की कोशिश, चार के खिलाफ मामला दर्

Edited By Updated: 10 Mar, 2026 03:39 PM

mumbai transporter alleges land grab using fake documents fir filed against 4

मुंबई के एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी रवि कमलेश्वर पुजारी की जमीन कथित रूप से फर्जी दस्तावेज और पार्टनरशिप डीड में हेरफेर कर हड़पने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद काशिमिरा पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत एफआईआर...

मुंबई। मुंबई के एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की जमीन कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर और पार्टनरशिप डीड में हेरफेर कर हड़पने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर काशिमिरा पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता रवि कमलेश्वर पुजारी की शिकायत पर पुलिस ने राजेश कुमार झा, विकास सिंह, मनोज कुमार सिंह और सुरेखा नारखेडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, पुजारी की निष्क्रिय कंपनी 'किरण कंस्ट्रक्शन' को खरीदने के लिए राजेश झा और विकास सिंह के साथ एक समझौता किया गया था। इस समझौते की शर्तों के अनुसार कंपनी के नाम पर दर्ज वसई की करीब 16 एकड़ और गोरेगांव की लगभग 725 वर्ग मीटर जमीन पर स्वामित्व पुजारी परिवार के पास ही रहना था। आरोप है कि गोरेगांव की जमीन के लिए संभावित खरीदार ढूंढने और उन्हें दस्तावेज दिखाने के बहाने आरोपियों ने संपत्ति के मूल कागजात अपने पास ले लिए। बाद में जब पुजारी ने दस्तावेज वापस मांगे तो आरोपियों ने उन्हें लौटाने में टालमटोल शुरू कर दी।

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कथित रूप से मूल एग्रीमेंट में मौजूद शर्तों से जुड़े पन्नों में फेरबदल कर एक फर्जी पार्टनरशिप डीड तैयार की। इसके जरिए कंपनी की संपत्तियों पर नए साझेदारों का अधिकार दिखाया गया। बाद में एक नई डीड तैयार कर मनोज कुमार सिंह और सुरेखा नारखेडे को भी कंपनी का पार्टनर दर्शाया गया। आरोप है कि इसी दस्तावेज के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव कर सातबारा (7/12) अभिलेख में उनके नाम दर्ज करा लिए गए।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब आरोपियों ने उक्त जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की कोशिश की। दस्तावेजों की जांच के दौरान संभावित खरीदार पुजारी परिवार तक पहुंचा, जिसके बाद कथित धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई। इस मामले में संबंधित तलाठी विक्रम बाड़ की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि उन्होंने दस्तावेजों की पर्याप्त जांच किए बिना ही जमीन का नामांतरण कर दिया। उनके खिलाफ भी अलग से शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ अन्य पुलिस थानों में भी जमीन से जुड़े धोखाधड़ी और जालसाजी के कई मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।

काशिमिरा पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर राजेंद्र कांबले ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और दस्तावेजों की सत्यता, राजस्व रिकॉर्ड में हुए बदलाव तथा इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

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