Ladki Bahin Yojana: ‘लड़की बहिन योजना' में बड़े पैमाने पर छंटनी, 54 लाख महिलाओं के नाम कटे, अब केवल इन्हें मिलेगा लाभ

Edited By Updated: 03 May, 2026 09:23 AM

names of 5 4 million women removed from ladki bahin yojana

राज्य सरकार ने अनिवार्य ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों की सूची को अपडेट किया है। कुल पंजीकृत आवेदकों में से लगभग 54 लाख महिलाओं को अयोग्य माना गया है और उन्हें योजना से हटा दिया गया है।

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सहायता देने के लिए बनाई गई योजना ‘मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना' के संबंध में बड़े घटनाक्रम के तहत सख्त सत्यापन अभियान के बाद 54 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित कर दिया गया है। 

अब केवल 1.89 करोड़ को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार ने अनिवार्य ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों की सूची को अपडेट किया है। कुल पंजीकृत आवेदकों में से लगभग 54 लाख महिलाओं को अयोग्य माना गया है और उन्हें योजना से हटा दिया गया है। अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, कुल पात्र लाभार्थी महिलाओं की संख्या अब 1.89 करोड़ रह गई है। इससे पहले 2.43 करोड़ से अधिक महिलाओं ने इस योजना के लिए पंजीकरण कराया था। 

30 अप्रैल के बाद कटे नाम
सरकार ने एक गहन सत्यापन प्रक्रिया शुरू की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल लक्षित कम आय वाले परिवारों को ही 1,500 रुपए की मासिक सहायता प्राप्त हो। तीन बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद लाखों महिलाएं 30 अप्रैल की अंतिम कट-ऑफ तिथि तक अपना सत्यापन पूरा करने में विफल रहीं। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए है जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। जांच में पता चला कि कई लाभार्थियों की आय इस सीमा से अधिक थी। ऐसे मामले भी सामने आए जहां जिन महिलाओं के परिवार के सदस्य सरकारी सेवा में थे, या जो स्वयं सरकारी कर्मचारी थीं, वे भी इस योजना का लाभ उठा रही थीं। 

सिर्फ पात्र महिलाओं को मिलेगा 1500 रुपये
कई महिलाओं को उनके आवेदनों में तकनीकी त्रुटियों के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया; उदाहरण के लिए, प्रारंभिक पंजीकरण के दौरान स्वयं को गलती से सरकारी कर्मचारी के रूप में चिह्नित करना। अद्यतन सूची में पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये का मासिक भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में जमा होता रहेगा। जो महिलाएं अयोग्य घोषित की गई हैं, उनके लिए वित्तीय सहायता तत्काल प्रभाव से रोक दी जाएगी। वहीं धोखाधड़ी के कुछ गंभीर मामलों में सरकार ने उन अयोग्य व्यक्तियों को पहले वितरित की गई धनराशि की वसूली भी शुरू कर दी है। 

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