Edited By Pardeep,Updated: 07 Jun, 2026 06:01 AM

मलयालम सिनेमा के मशहूर और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता सलीम कुमार का शनिवार को कोच्चि के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।
नेशनल डेस्कः मलयालम सिनेमा के मशहूर और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता सलीम कुमार का शनिवार को कोच्चि के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।
अस्पताल में ली अंतिम सांस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, उन्हें एंटीबायोटिक्स और डायलिसिस जैसी जीवन रक्षक प्रणालियों पर रखा गया था, लेकिन इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मिमिक्री से शुरू किया था सफर
सलीम कुमार ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर और मिमिक्री से की थी और साल 1997 में फिल्म 'इष्टमानु नुरू वट्टम' से बड़े पर्दे पर कदम रखा। वह मलयालम सिनेमा के सबसे चहेते कलाकारों में से एक थे, जिन्हें उनकी कॉमिक टाइमिंग और गंभीर चरित्र भूमिकाओं के लिए जाना जाता था। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'मीसा माधवन', 'सीआईडी मूसा', 'कल्याणरमन', 'तेनकासीपट्टनम' और 'आदामिनते माकन अबू' जैसी कई सुपरहिट फिल्में शामिल हैं।
राष्ट्रीय पुरस्कार से हुए थे सम्मानित
सलीम कुमार को साल 2010 की फिल्म 'आदामिनते माकन अबू' में उनके बेहतरीन अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इसके अलावा, वह चार बार केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से भी नवाजे गए। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने फिल्म निर्देशन में भी हाथ आजमाया और 'करुथा जूथन' व 'दैवमे कैथोजम के. कुमार अनाम' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।
उनके परिवार में पत्नी सुनीता और दो बेटे, चंदू सलीम कुमार और अरोमल सलीम कुमार हैं। उनके निधन से दक्षिण भारतीय फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।