Edited By Sanjeev,Updated: 27 Sep, 2026 12:30 PM
NEET पेपर लीक और प्रशासनिक खामियों को लेकर हुए बड़े विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अपना कामकाज एक नए ऑफिस में ले गई है। अधिकारियों ने बताया कि अब इसके परिसर में "कॉन्फिडेंशियल इलाकों" में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए CISF...
नई दिल्ली : NEET पेपर लीक और प्रशासनिक खामियों को लेकर हुए बड़े विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अपना कामकाज एक नए ऑफिस में ले गई है। अधिकारियों ने बताया कि अब इसके परिसर में "कॉन्फिडेंशियल इलाकों" में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए CISF तैनात की जाएगी। यह कदम इस साल की शुरुआत में मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET-UG का प्रश्न पत्र लीक होने के बाद उठाया गया है। इस घटना के कारण देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।
प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली को लीक-प्रूफ बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश करने के वास्ते इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की थी। इस पैनल को अभी अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
CBI की चार्जशीट के अनुसार, जिसमें तीन विषय विशेषज्ञों को पेपर लीक का मुख्य स्रोत बताया गया है, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कॉन्फिडेंशियल सेक्शन में घुसते या निकलते समय विशेषज्ञों की कोई जांच या तलाशी नहीं ली जाती थी। इससे विशेषज्ञों को रफ काम और अनुवाद के लिए दी गई सादी शीट से बनी छोटी पर्चियों पर तय प्रश्न पत्रों से जानकारी नोट करने का मौका मिल जाता था।
निष्पक्ष, पारदर्शी और स्टैंडर्डाइज्ड परीक्षाएं आयोजित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय के तहत 2017 में स्थापित NTA अब तक ओखला स्थित अपने ऑफिस से काम कर रही थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने PTI को बताया, 'मिंटो रोड स्थित भारत सरकार प्रेस बिल्डिंग में 55,000 वर्ग फुट से ज्यादा जगह वाला एक समर्पित ऑफिस स्पेस आवंटित किया गया है। इस बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल और चौथी व छठी मंजिल के कुछ हिस्से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को आवंटित किए गए हैं। पिछले एक महीने में कॉन्फिडेंशियल और संवेदनशील कामकाज को नई आवंटित बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया है।'
CBI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तीन आरोपी विशेषज्ञों की गतिविधियों पर किसी का ध्यान नहीं गया क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में NTA ऑफिस में CCTV लाइव फीड की निगरानी के लिए कोई समर्पित कंट्रोल रूम नहीं था। नई जगह पर निगरानी की योजना के बारे में अधिकारी ने कहा, 'बिल्डिंग में कुछ खास और गोपनीय इलाके तय किए गए हैं, जहां आने-जाने और कामकाज पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि एक मजबूत और सुरक्षित सिस्टम बना रहे। गृह मंत्रालय ने इस जगह के लिए सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) की सुरक्षा को मंजूरी दे दी है।'
अधिकारी ने बताया कि 39 CISF जवानों को तैनात किया गया है। ये जवान सुरक्षा, सही तरीके से आने-जाने पर नियंत्रण और जांच-पड़ताल (जैसे X-रे बैगेज स्क्रीनिंग मशीन और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर यानी DFMD से तलाशी) के लिए जिम्मेदार होंगे। अधिकारी ने आगे कहा, 'गोपनीय इलाके में आने-जाने पर नजर रखने और उसे कंट्रोल करने के लिए सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सही जगहों पर CISF को तैनात किया जा रहा है।'
2024 में पेपर लीक की ऐसी ही एक घटना के बाद पूर्व ISRO चेयरमैन के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने परीक्षा के लिए जरूरी सिस्टम की सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए विस्तार से सुझाव दिए थे। इन सिस्टम में प्रश्न पत्र सिस्टम, कैंडिडेट रजिस्ट्रेशन, फीस पेमेंट, एडमिट कार्ड सिस्टम, कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग प्लेटफॉर्म, OMR प्रोसेसिंग, नॉर्मलाइज़ेशन इंजन और रिज़ल्ट सिस्टम शामिल थे। हालांकि, 2026 में पेपर लीक होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने NTA को फटकार लगाई और कहा कि "उसने कोई सबक नहीं सीखा है"।
अधिकारी ने कहा, 'परीक्षा से जुड़े सभी जरूरी कामों के लिए कड़े एक्सेस कंट्रोल, एन्क्रिप्शन स्टैंडर्ड, इम्यूटेबल लॉगिंग और टैम्पर-एविडेंट स्टोरेज (छेड़छाड़ का पता लगाने वाला स्टोरेज) बनाने के लिए मिशन मोड में इंतजाम किए जा रहे हैं। हर परीक्षा साइकल से पहले NTA के टेक्नोलॉजी विभाग के साथ मिलकर परीक्षा में मदद करने वाले सभी सिस्टम की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करना और परीक्षा के दिन के कामकाज की टेक्निकल सुरक्षा के लिए NTA के टेस्ट-सिक्योरिटी विभाग के साथ तालमेल बिठाना - जिसमें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेस-मैचिंग, CCTV सिस्टम और लाइव मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं - उन कामों में से हैं जिन पर काम किया जा रहा है।'
एजेंसी परीक्षा के दिनों में साइबर-घटनाओं से निपटने के लिए खास तैयारी करने पर भी काम कर रही है, जिसमें बेहतर SOC मॉनिटरिंग और तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता शामिल है। अधिकारी ने कहा, 'जानकारी की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए NTA ने एक खास चीफ इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) नियुक्त किया है। जनरल मैनेजर और CISO के पदों के लिए विज्ञापन दिया गया है और चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। CERT-In और C-DAC की अधिकृत एजेंसियों से स्वतंत्र थर्ड-पार्टी साइबर-सिक्योरिटी ऑडिट का काम भी जारी है।'