कनाडा में निहंग सिख के साथ मारपीट, दाढ़ी खींची और अपशब्द बोले (Video)

Edited By Updated: 29 Apr, 2026 02:44 PM

nihang sikh assaulted in canada beard pulled

कनाडा में ट्रांसपोर्ट कंपनी में पैसे के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। निहंग सिख के साथ मारपीट, दाढ़ी खींचने और कथित बदसलूकी का वीडियो वायरल हुआ। कंपनी मालिक ने माफी मांगी, आरोपों से इनकार किया। घटना ने प्रवासी पंजाबी समुदाय में तनाव और विवादों की...

International Desk: कनाडा में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के ऑफिस में हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जब एक निहंग सिख के साथ कथित मारपीट और दाढ़ी खींचने का मामला सामने आया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे प्रवासी पंजाबी समुदाय में नाराज़गी और चिंता बढ़ गई है।यह पूरा विवाद एक ट्रक ड्राइवर के पैसों को लेकर शुरू हुआ। ड्राइवर का आरोप है कि वह पिछले कुछ महीनों से कंपनी में काम कर रहा था, लेकिन उसे उसका पूरा भुगतान नहीं किया गया। उसने बताया कि हाल ही में एक ट्रक एक्सीडेंट हुआ, जिसमें उसकी कोई गलती नहीं थी क्योंकि वह पीछे सो रहा था। इसके बावजूद कंपनी ने उसके पैसे काटने की बात कही।

 

ड्राइवर ने इस मामले को एक निहंग सिख के सामने रखा, जो कंपनी मालिक से बात करने ऑफिस पहुंचा। आरोप है कि बातचीत के दौरान कंपनी मालिक ने निहंग की दाढ़ी पकड़ ली और ड्राइवर की पत्नी के साथ भी बदसलूकी की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। हालांकि, ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक रमन कुमार ने इन आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि निहंग व्यक्ति अचानक ऑफिस में आया और वीडियो बनाने लगा, जिससे विवाद बढ़ा। उनके अनुसार, निहंग ने ऑफिस में हंगामा किया, गेट को नुकसान पहुंचाया और महिला कर्मचारियों के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। रमन कुमार ने कहा कि उन्होंने केवल आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी और उनका किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।

 

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्राइवर के पैसे काटने का आरोप गलत है और उनसे सिर्फ एक्सीडेंट की रिपोर्ट भरने को कहा गया था, जो बीमा प्रक्रिया के लिए जरूरी होता है। विवाद बढ़ने के बाद कंपनी मालिक ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है, लेकिन दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं, जिससे सच्चाई पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत विवाद है, बल्कि यह दिखाती है कि प्रवासी समुदाय में छोटे आर्थिक झगड़े भी किस तरह बड़े टकराव और हिंसा में बदल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संवाद और कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना जरूरी है, ताकि स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सके।

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