चोरी के 821 मोबाइल, कीमत 8 करोड़ तक...पुलिस ने पकड़ा बड़ा मोबाइल चोरी गैंग, कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क

Edited By Updated: 06 Jan, 2026 08:57 PM

noida police have busted a major mobile phone theft gang

नोएडा पुलिस ने मोबाइल चोरी के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। दिल्ली-एनसीआर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी कर उन्हें बिहार, झारखंड और नेपाल तक बेचने वाले इस गैंग के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।...

नेशनल डेस्कः नोएडा पुलिस ने मोबाइल चोरी के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। दिल्ली-एनसीआर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी कर उन्हें बिहार, झारखंड और नेपाल तक बेचने वाले इस गैंग के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 821 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 6 से 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद होना इस गिरोह की सक्रियता और नेटवर्क की गहराई को दिखाता है।

भीड़भाड़ वाले इलाकों को बनाते थे निशाना

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खास तौर पर मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, साप्ताहिक बाजार और मेले और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों को अपना निशाना बनाता था। आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों की जेब, पर्स और बैग से मोबाइल फोन निकाल लेते थे, और कई बार पीड़ित को चोरी का पता भी नहीं चलता था।

हर तीन महीने बदलते थे ठिकाना

गिरोह की सबसे चौंकाने वाली चाल यह थी कि ये लोग हर तीन महीने में दिल्ली-एनसीआर में नया ठिकाना बनाते थे। किराए के मकानों में रहकर चोरी के मोबाइल इकट्ठा करते और फिर तीन महीने पूरे होते ही अपने घर लौट जाते थे, ताकि पुलिस को कोई ठोस सुराग न मिल सके।

2–3 महीने NCR में, फिर ट्रेन से भेजते थे मोबाइल

सेंट्रल नोएडा के DCP शक्ति अवस्थी ने बताया कि यह गैंग झारखंड और बिहार से 2 से 3 महीने के लिए दिल्ली-एनसीआर आता था। इस दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल चोरी करने के बाद इन्हें एक साथ ट्रेन के जरिए बिहार और झारखंड भेजा जाता था। वहां से आगे ये मोबाइल नेपाल पहुंचाए जाते थे, जहां इन्हें बहुत सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था।

गैंग में सबकी अलग-अलग भूमिका

पुलिस के अनुसार इस गिरोह में हर सदस्य की स्पष्ट भूमिका तय थी— कुछ आरोपी भीड़ में मोबाइल चोरी करते थे, कुछ चोरी के मोबाइल इकट्ठा कर छिपाने का काम करते थे। गैंग में शामिल दो नाबालिग आसपास नजर रखते थे और पुलिस दिखने पर इशारा करते थे। बड़े आरोपी चोरी के मोबाइल को ट्रेन से बाहर भेजने की जिम्मेदारी संभालते थे।

बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों के निवासियों के रूप में हुई है। इनमें झारखंड के साहिबगंज और बिहार के भागलपुर और मधुबनी के निवासी शामिल हैं। पकड़े गए नाबालिग आरोपी भी इन्हीं राज्यों से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब सभी आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

821 मोबाइल, असली मालिकों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती

पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती 821 बरामद मोबाइल फोन उनके असली मालिकों तक पहुंचाना है। इसके लिए IMEI नंबर के जरिए डाटा खंगाला जा रहा है। अलग-अलग थानों में दर्ज मोबाइल चोरी की शिकायतों से मिलान किया जा रहा है। DCP शक्ति अवस्थी ने बताया कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस को आशंका है कि यह मोबाइल चोरी नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है।

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