Edited By Mehak,Updated: 07 Mar, 2026 12:53 PM

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान संकट के बीच दुबई में सोना कम कीमत पर बिक रहा है। एयरस्पेस बंद और फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण दुबई के कारोबारी अपना स्टॉक विदेश भेज नहीं पा रहे हैं, जिससे सोने पर 30 डॉलर प्रति औंस तक डिस्काउंट दिया जा रहा है। कम...
नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान की जंग की स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय मार्केट में हलचल पैदा कर दी है। निवेशक सुरक्षित विकल्प की तलाश में हैं और सोने की कीमतें बढ़ने का डर बढ़ गया है। लेकिन इस बीच दुबई जैसे शहर में सोना कम कीमत पर बिक रहा है। दुबई को इंटरनेशनल गोल्ड ट्रेड कैपिटल माना जाता है और यहां गोल्ड मार्केट में हो रही स्थिति ग्लोबल ट्रेड को प्रभावित कर रही है।
दुबई में सोने पर डिस्काउंट क्यों?
दुबई को 'City of Gold' कहा जाता है क्योंकि यह बड़ा बुलियन ट्रेडिंग मार्केट है। आम तौर पर दुबई कम इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स के कारण भारत जैसे देशों को सोना प्रीमियम रेट पर बेचता है। लेकिन वर्तमान में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के चलते एयरस्पेस बंद हो गया है और फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं। इसका असर यह हुआ कि दुबई के कारोबारी अपना गोल्ड स्टॉक देश के बाहर नहीं भेज पा रहे हैं।
स्टॉक्स जमा होने और एक्सपोर्ट रुकने की स्थिति में दुबई के डीलर सोने पर लगभग 30 डॉलर प्रति औंस तक का डिस्काउंट दे रहे हैं। इसके अलावा, युद्ध और अनिश्चितता के कारण पर्यटकों की संख्या कम हो गई है, जिससे खरीदारी भी घट गई और सोना सस्ता हो गया है।
भारत पर इसका असर
भारत अपनी सोने की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से इंपोर्ट करता है और दुबई इसके प्रमुख स्रोतों में से एक है। मिडिल ईस्ट में जंग की स्थिति के कारण सप्लाई में रुकावट भारत को सीधे प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दुबई से सोने की सप्लाई धीमी होती है, तो भारत में जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर में दिक्कतें आ सकती हैं। एनालिस्ट कह रहे हैं कि दुबई में डिस्काउंट फिलहाल व्यापारियों के लिए राहत का कारण है, लेकिन लंबे समय में अगर युद्ध की स्थिति जारी रहती है तो ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित होगी। इसका असर भारत में सोने की कीमतों और ज्वेलरी मार्केट पर सीधे दिखाई देगा।