Edited By Mansa Devi,Updated: 03 Jan, 2026 09:13 AM

नए साल की शुरुआत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। केंद्र सरकार ने इन कामगारों की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करने के लिए चार लेबर कोड लागू करने का फैसला किया है।
नेशनल डेस्क: नए साल की शुरुआत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। केंद्र सरकार ने इन कामगारों की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करने के लिए चार लेबर कोड लागू करने का फैसला किया है। इसके लिए ड्राफ्ट नियम भी जारी कर दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना है।
क्या है सरकार का फैसला?
देश में ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाले लाखों गिग वर्कर्स लंबे समय से सैलरी, काम के घंटे और सेफ्टी को लेकर अपनी मांगें उठा रहे थे। इन मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नए नियमों का मसौदा तैयार किया है। इन नियमों के लागू होने के बाद गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी अन्य कर्मचारियों की तरह कई बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।
कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, गिग वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी का लाभ मिलेगा। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा के तहत बीमा, पेंशन और बेहतर इलाज जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
किन्हें मिलेगा लाभ?
सरकार ने इन सुविधाओं के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं। ड्राफ्ट के मुताबिक, अगर कोई गिग वर्कर पिछले वित्त वर्ष में किसी एक कंपनी के साथ कम से कम 90 दिन काम कर चुका है, तो वह इन सुविधाओं का हकदार होगा। वहीं, अगर किसी वर्कर ने अलग-अलग कंपनियों या प्लेटफॉर्म के साथ काम किया है, तो उसके लिए कुल 120 दिन काम करना जरूरी होगा।
वर्कर्स के लिए क्यों अहम है ये फैसला?
यह फैसला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि गिग वर्कर्स अब तक तय वेतन, छुट्टियों और सामाजिक सुरक्षा से वंचित थे। नए नियम लागू होने से उनकी काम करने की स्थिति बेहतर होगी और भविष्य को लेकर उन्हें ज्यादा सुरक्षा महसूस होगी। कुल मिलाकर, केंद्र सरकार का यह कदम गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है और इससे देश में कामगारों के अधिकारों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।