Edited By Radhika,Updated: 13 Jun, 2026 01:54 PM

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को बताया कि राज्य कैबिनेट ने 18 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए आधार कार्ड जारी करने पर रोक लगाने का फ़ैसला किया है, जबकि ST, SC और चाय बागान समुदायों के लिए मार्च 2027 तक आधार कार्ड जारी करने की...
नेशनल डेस्क: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को बताया कि राज्य कैबिनेट ने 18 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए आधार कार्ड जारी करने पर रोक लगाने का फ़ैसला किया है, जबकि ST, SC और चाय बागान समुदायों के लिए मार्च 2027 तक आधार कार्ड जारी करने की अनुमति दी गई है। राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद असम के CM ने कहा, "असम कैबिनेट ने 18 साल से ज़्यादा उम्र के किसी भी व्यक्ति को आधार कार्ड न देने का फ़ैसला किया है... ST, SC और चाय बागान समुदायों के लोगों को मार्च 2027 तक आधार कार्ड मिलेगा।" मुख्यमंत्री ने शहरी विकास की एक बड़ी पहल के बारे में भी जानकारी दी।
CM सरमा ने कहा, "असम कैबिनेट ने गुवाहाटी मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) इलाके के तहत गुवाहाटी सैटेलाइट सिटी को भी मंज़ूरी दी है।" इस बीच, शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में नीति आयोग की बैठक के दौरान, CM सरमा ने पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ बातचीत में "भौगोलिक समानता" (Geographic Equity) पर केंद्रित एक नए विकास ढांचे की वकालत की।

उन्होंने कहा, "विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा में न केवल आर्थिक विकास को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विकास देश के हर हिस्से तक पहुँचे।" लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "जहाँ भारत के बदलाव का पहला चरण विकास की गति बढ़ाने पर केंद्रित था, वहीं अगला चरण विकास के भौगोलिक दायरे को बढ़ाने पर केंद्रित होना चाहिए ताकि सभी क्षेत्र विकास से पैदा होने वाले अवसरों में पूरी तरह से भाग ले सकें।" सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, पूर्वोत्तर राष्ट्रीय चर्चा के हाशिए से हटकर नीति-निर्माण के केंद्र में आ गया है। उन्होंने कनेक्टिविटी, बुनियादी ढाँचे के विकास, शांति पहलों और 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के कार्यान्वयन में हुए बड़े सुधारों पर प्रकाश डाला, जिन्होंने इस क्षेत्र के रणनीतिक महत्व को काफ़ी बढ़ा दिया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों ने आर्थिक विस्तार और पूर्वोत्तर को देश के बाकी हिस्सों के साथ बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए एक मज़बूत आधार तैयार किया है। असम की हालिया प्रगति का ज़िक्र करते हुए सरमा ने कहा कि "राज्य में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है और मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और टेक्नोलॉजी समेत कई क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है।"