पश्चिम बंगाल: ममता सरकार के मंत्री की बढ़ी मुश्किलें, CBI के सामने दूसरी बार पेश हुए पार्थ चटर्जी

Edited By rajesh kumar, Updated: 25 May, 2022 04:04 PM

partha chatterjee appeared in front of cbi for the second time

पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी डब्ल्यूबीएसएससी द्वारा सरकारी और वित्तीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुधवार सुबह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष पेश हुए।

 

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी डब्ल्यूबीएसएससी द्वारा सरकारी और वित्तीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुधवार सुबह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष पेश हुए। सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी से वही सवाल पूछे जाएंगे, जिनके जवाब घोटाले के संबंध में सलाहकार समिति के सदस्यों के जवाबों से मेल नहीं खाते हैं। इससे पहले सीबीआई के अधिकारियों ने सलाहकार पैनल के सदस्यों से पूछताछ की थी।

सलाहकार पैनल का गठन पश्चिम बंगाल स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की लंबित भर्तियों की निगरानी के लिए नवंबर 2019 में किया गया था। राज्य सरकार में इस समय उद्योग और वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी इन विद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं के समय शिक्षा मंत्री थे। सीबीआई अधिकारी के मुताबिक पार्थ चटर्जी से शिक्षा राज्य मंत्री परेश अधिकारी की बेटी की प्राथमिक स्कूल शिक्षक के रूप में नियुक्ति को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे। सीबीआई अधिकारी ने कहा, "हमने पिछले हफ्ते बुधवार को पार्थ चटर्जी से कुछ सवाल पूछे थे, लेकिन उनके जवाब सलाहकार समिति के सदस्यों से मेल नहीं खाते थे।

इसलिए हम उनसे वही सवाल दोबारा पूछेंगे। उनसे सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में शिक्षक के रूप में परेश अधिकारी की बेटी की नियुक्ति से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाएंगे। हम घोटाले के इन सभी पहलुओं से पार्थ चटर्जी के संबंधों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।" सीबीआई ने पार्थ चटर्जी को इस संबंध में समन जारी किया था। इस मामले में टीएमसी नेता चटर्जी दूसरी बार सीबीआई के सामने पेश हुए हैं। यह घोटाला राज्य में एक बड़ा विवाद बन गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने उनसे पिछले सप्ताह 18 मई बुधवार को साढ़े तीन घंटे तक पूछताछ की थी और उन्हें दस्तावेजों के साथ फिर से आने के लिए कहा गया था।

कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने उन्हें पिछले सप्ताह बुधवार को सीबीआई के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था। कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वारा एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखने के बाद मंत्री को पेश होने का आदेश दिया गया था। उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने ही सीबीआई को पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) द्वारा की गई कथित अवैध नियुक्तियों की जांच करने का निर्देश दिया था। सीबीआई पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में ग्रुप-सी पदों की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। भाषा रवि कांत सुरेश

 

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