Edited By Ramanjot,Updated: 21 Jan, 2026 11:15 PM

राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत अब एक गंभीर आपराधिक मामले का रूप लेती जा रही है।
नेशनल डेस्क: राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत अब एक गंभीर आपराधिक मामले का रूप लेती जा रही है। विशेष जांच दल (SIT) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं, जो इस पूरे मामले को और रहस्यमय बना रहे हैं।
छात्रा को 6 जनवरी को हॉस्टल में अचेत अवस्था में पाया गया था, जिसके बाद उसे प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया गया, जिसके बाद परिजनों ने हत्या की साजिश का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
SIT जांच में सामने आए सनसनीखेज तथ्य
जांच कर रही SIT को अब तक कई अहम सुराग मिले हैं, जो मामले की दिशा बदल सकते हैं। छात्रा के इलाज के दौरान प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉ. सतीश, हॉस्टल मालिक मनीष रंजन (जो पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं) और एक वरिष्ठ डॉक्टर के बीच व्हाट्सऐप चैट हुई थी। SIT ने इन चैट्स को जब्त कर लिया है और उनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
छात्रा की मौत के बाद जब मामला तूल पकड़ने लगा, तब चित्रगुप्त नगर थाना की SHO रोशनी कुमारी के निजी चालक द्वारा हॉस्टल पहुंचकर CCTV का DVR झोले में डालकर ले जाने की जानकारी सामने आई है। SIT अब उसी DVR को ट्रेस करने और फुटेज रिकवर करने की कोशिश में जुटी है। अस्पताल में भर्ती के दौरान छात्रा की कई जांचें कराई गईं, लेकिन इंजरी रिपोर्ट तैयार नहीं की गई। SIT यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी गंभीर स्थिति में यह लापरवाही क्यों हुई।
पटना से जहानाबाद तक फैली जांच
SIT की जांच का दायरा अब पटना तक सीमित नहीं रहा। टीम ने जहानाबाद जाकर छात्रा के पारिवारिक, शैक्षणिक और सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी जुटाई है। इसके साथ ही छात्रा की आवाजाही को समझने के लिए रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज भी खंगाले गए हैं।
हॉस्टल सील, FSL और DNA जांच तेज
मंगलवार 20 जनवरी 2026 को SIT ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल को पूरी तरह सील कर दिया। जांच के दौरान हॉस्टल के कई कमरों में आपत्तिजनक लिखावट और संदिग्ध सामग्री मिलने की बात सामने आई है।
हॉस्टल में लिफ्ट और CCTV जैसी सुविधाएं होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, गिरफ्तार हॉस्टल मालिक मनीष रंजन के अचानक आर्थिक रूप से मजबूत होने (15 हजार की नौकरी से करोड़ों की संपत्ति) की भी गहराई से जांच चल रही है। FSL टीम ने हॉस्टल परिसर में सघन जांच की है और DNA एनालिसिस की प्रक्रिया जारी है।
SIT करेगी जल्द रिपोर्ट सौंपने की तैयारी
परिजनों के आरोपों और जनदबाव के बाद राज्य सरकार ने SIT का गठन किया था, जिसकी अगुवाई IG जितेंद्र कुमार राणा कर रहे हैं। मामले में यौन हिंसा, सबूत मिटाने और पुलिस की संभावित भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। SIT जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है।