Edited By Parveen Kumar,Updated: 13 May, 2026 07:11 PM

मिडिल ईस्ट युद्ध का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इस बीच कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। वहीं, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। अगर यह संघर्ष लंबा चला तो आने वाले दिनों में ईंधन के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़...
नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट युद्ध का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इस बीच कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। वहीं, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। अगर यह संघर्ष लंबा चला तो आने वाले दिनों में ईंधन के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
इस बीच आरबीआई के गर्वनर संजय मल्होत्रा ने स्विट्जरलैंड में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में कहा कि 'अगर ऐसे ही हालात लंबे समय तक रहे तो सरकार को तेल की बढ़ी कीमतों का कुछ बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ सकता है, और इस संकट पर चिंता जताई है।
उन्होंने बताया कि अभी भी सरकार और सरकारी तेल कंपनियां कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर खुद झेल रही हैं। इसके लिए उत्पाद शुल्क में कटौती भी की गई है, ताकि आम लोगों पर सीधा असर कम पड़े. लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल लगातार महंगा होता रहा, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ना तय माना जा रहा है।