13 May Petrol Diesel Rate: क्या आज बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें ताजा रेट

Edited By Updated: 13 May, 2026 10:11 AM

13 may petrol diesel rate have the prices of petrol and diesel increased today

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद आज (13 मई) भारतीय तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के...

13 May Petrol Diesel Rate : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद आज (13 मई) भारतीय तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद देश की 'एनर्जी सिक्योरिटी' को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

प्रमुख शहरों में आज के रेट (13 मई):

देश के महानगरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर है। दूसरी तरफ मुंबई में कीमतें सबसे अधिक हैं जहां पेट्रोल ₹100 के पार बना हुआ है। बात करें अगर चेन्नई और कोलकाताकी तो यहां भी कीमतों में कोई फेरबदल नहीं देखा गया है।

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PM Modi की अपील और बढ़ती चिंता

हाल ही में हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ईंधन और खाने के तेल का इस्तेमाल समझदारी से करने की अपील की। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि लोग अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचें। पीएम के इस बयान के बाद जनता के बीच यह डर बढ़ गया है कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।

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जानें क्यों बढ़ सकता है संकट?

दोनों देशों के बीच संघर्ष के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाधित हो गए हैं। इससे दुनिया भर में कच्चे तेल (Crude Oil) और एलपीजी की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। वहीं भारतीय तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) इस समय जबरदस्त वित्तीय संकट में हैं। अनुमान है कि उन्हें पेट्रोल पर ₹14, डीजल पर ₹42 प्रति लीटर और रसोई गैस (LPG) पर ₹674 प्रति सिलेंडर का घाटा हो रहा है।

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रोजाना ऐसे तय होते हैं दाम?

भारत में तेल विपणन कंपनियां (OMCs) हर सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के रेट तय करती हैं। ये कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर निर्भर करती हैं। फिलहाल कंपनियों पर रोजाना ₹1000 से ₹1700 करोड़ का वित्तीय बोझ बढ़ रहा है जिससे भविष्य में कीमतें बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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