Edited By Radhika,Updated: 15 May, 2026 07:27 PM

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3रुपए की बढ़ोतरी हो गई है। इससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ गया है। मिडिल ईस्ट के तनाव और इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों की बढ़ोतरी का असर अब भारतीय पंपों पर दिखने लगा है। दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे...
नेशनल डेस्क: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपए की बढ़ोतरी हो गई है। इससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ गया है। मिडिल ईस्ट के तनाव और इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों की बढ़ोतरी का असर अब भारतीय पंपों पर दिखने लगा है। दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे महानगरों में ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं भारत की एक ऐसी जगह भी है जहाँ आज भी पेट्रोल-डीजल अन्य शहरों के मुकाबले ₹10 से ₹15 तक सस्ता मिल रहा है। आइए जानते हैं इस शहर के बारे में
पोर्ट ब्लेयर-
पोर्ट ब्लेयर को भारत का वह स्थान है जहाँ पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी कम हैं। Union territory और स्थानीय करों के ढांचे के कारण यहाँ के निवासियों को बड़ी राहत मिल रही है। मुंबई जैसे बड़े शहरों की तुलना में यहां पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 से 15 रुपए का अंतर है।
दामों में असमानता की वजह
भारत में पेट्रोल-डीजल की 'बेस प्राइस' (Base Price) लगभग एक समान होती है, लेकिन आपकी जेब से कटने वाली कीमत तीन मुख्य कारकों पर निर्भर करती है:
1. वैट (VAT): हर राज्य सरकार अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग VAT यानि की वैल्यू एडेड टैक्स लगाती है।
2. स्थानीय टैक्स: केंद्र शासित प्रदेशों में अक्सर राज्य करों का बोझ कम होता है।
3. माल ढुलाई: रिफाइनरी से पेट्रोल पंप तक तेल पहुँचाने का खर्च भी अंतिम कीमत तय करता है।
महंगे तेल का 'चेन रिएक्शन'
अगर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो इसका असर इंडियन इकॉनामी परभी पड़ता है। ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से मंडियों में सब्जियों और अनाज के दाम बढ़ जाते हैं, जिससे 'महंगाई' (Inflation) का दबाव सीधे रसोई तक पहुँचता है। जानकारों का कहना है कि अगर वैश्विक हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स लागत और बढ़ सकती है।