Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Feb, 2026 11:06 AM

24 वर्षीय महिला की गला घोंटकर हत्या करने और उसके शव के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में पकड़े गए पियूष धमनोतिया के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं दिखा। जब मीडिया ने उससे पूछा कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया, तो उसने मुस्कुराते हुए कहा, "भूल जाओ सब कुछ।...
इंदौर : 24 वर्षीय महिला की गला घोंटकर हत्या करने और उसके शव के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में पकड़े गए पियूष धमनोतिया के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं दिखा। जब मीडिया ने उससे पूछा कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया, तो उसने मुस्कुराते हुए कहा, "भूल जाओ सब कुछ। जो होना था, हो गया। जान लेने से क्या बदल जाएगा?"
पुलिस ने बताया कि यह घटना 13 फरवरी को उजागर हुई, जब ड्वारकापुरी क्षेत्र में किराए के कमरे से महिला का सड़ता हुआ नग्न शव मिला। पड़ोसियों की शिकायत पर पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव देखा, जिस पर गले के पास रस्सी के निशान स्पष्ट थे। जानकारी के अनुसार, आरोपी और पीड़िता छात्र एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे, जिसका मुख्य कारण महिला की शादी की इच्छा थी। 10 फरवरी को आरोपी ने विवाद सुलझाने के लिए महिला को अपने किराए के कमरे में बुलाया।
पुलिस ने बताया कि विवाद के दौरान महिला को बंधक बनाकर उसके हाथ-पैर बांध दिए गए और मुंह में टेप लगा दिया गया ताकि वह चिल्ला न सके। इसके बाद आरोपी ने रस्सी से महिला का गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी कमरे में शराब पीता रहा और फिर पनवेल भाग गया। उसने कथित रूप से पीड़िता का फोन इस्तेमाल कर उसके खिलाफ वीडियो भेजे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पनवेल में आरोपी ने इंटरनेट और यूट्यूब पर जाकर मृत प्रेमिका की आत्मा बुलाने के लिए तांत्रिक उपाय किए। पुलिस की जांच में सामने आया है कि उसने यूट्यूब और गूगल पर घंटों यह सर्च किया कि 'मरे हुए इंसान की आत्मा से बात कैसे करें'। वह इंटरनेट पर तांत्रिक विद्याओं के जरिए युवती को 'वापस बुलाने' के टोटके तलाश रहा था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, उसका यह व्यवहार गंभीर मानसिक अस्थिरता की ओर इशारा करता है। पनवेल से भागकर वह मुंबई की लोकल ट्रेनों में अपना ठिकाना बदलता रहा, लेकिन आखिरकार 14 फरवरी को पुलिस ने उसे दबोच लिया।
ब्लैकमेलिंग और आर्थिक शोषण का काला खेल
पुलिसिया पड़ताल में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी कोई अजनबी नहीं, बल्कि पीड़िता के परिवार का करीबी था। पिछले एक साल से वह युवती के संपर्क में था और उसके घर भी आता-जाता था। पीड़िता के पिता ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक तनाव में थी। आरोपी ने उसके निजी वीडियो और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था।
कैमरे के सामने बेखौफ और बेपरवाह तेवर
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी का सामना मीडिया से हुआ, तो उसकी बातों ने सबको हैरान कर दिया। चेहरे पर अफसोस के बजाय एक अजीब सी अकड़ लिए उसने कहा, "जो होना था, वो हो गया। अब जानकर क्या करोगे? सब भूल जाओ।" जब उससे हत्या की वजहों पर सवाल किए गए, तो उसने केवल इतना कहा कि वह सही समय आने पर ही राज खोलेगा। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों के जरिए इस पहेली को सुलझाने में जुटी है।