आयुष्मान कार्ड पर 1 साल में कितनी बार करवा सकते हैं इलाज? जानें सब कुछ

Edited By Updated: 14 Feb, 2026 11:52 PM

how many times can you get treatment in a year using ayushman card

गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) की शुरुआत की। इसे दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गिना जाता है। इस योजना के तहत पात्र...

नेशनल डेस्क : गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) की शुरुआत की। इसे दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गिना जाता है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है, जिससे गंभीर बीमारियों का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाता है।

क्या साल में इलाज की कोई सीमा है?

आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने की संख्या पर कोई तय सीमा नहीं है। यानी लाभार्थी आवश्यकता पड़ने पर साल में कई बार अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करा सकता है। हालांकि, एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि पूरे परिवार का कुल उपचार खर्च एक पॉलिसी वर्ष में 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।

यह राशि फैमिली फ्लोटर आधार पर लागू होती है। मतलब परिवार का कोई एक सदस्य या सभी सदस्य मिलकर इस सीमा तक इलाज का लाभ उठा सकते हैं। यदि एक साल में 5 लाख रुपये की पूरी राशि खर्च हो जाती है, तो उसी पॉलिसी वर्ष में आगे मुफ्त इलाज नहीं मिल पाएगा। नई पॉलिसी वर्ष की शुरुआत में यह सीमा फिर से 5 लाख रुपये पर रीसेट हो जाती है।

किन खर्चों को किया जाता है कवर?

योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के कुछ खर्च भी शामिल किए जाते हैं। इनमें- जांच और टेस्ट, दवाइयां, सर्जरी और ऑपरेशन, आईसीयू और इम्प्लांट, अस्पताल में रहने और भोजन का खर्च।

भर्ती के बाद 15 दिन तक फॉलो-अप उपचार

साथ ही, पहले से मौजूद बीमारियां (Pre-existing diseases) भी योजना में पहले दिन से कवर होती हैं। इस योजना में सैकड़ों पैकेज और हजारों मेडिकल प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनका लाभ सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है।

कहां मिलेगा इलाज?

आयुष्मान कार्ड का उपयोग केवल उन्हीं अस्पतालों में किया जा सकता है जो योजना के तहत पंजीकृत (Empanelled) हैं। देशभर के सरकारी अस्पतालों के साथ कई निजी अस्पताल भी इस सूची में शामिल हैं।
लाभार्थी आधिकारिक पोर्टल पर अपने राज्य और जिले के अनुसार पंजीकृत अस्पतालों की सूची देख सकते हैं। अस्पताल में पहचान सत्यापन के बाद मरीज को भर्ती किया जाता है और पूरा इलाज कैशलेस तरीके से किया जाता है।

किन बातों का रखें ध्यान?

  • आपका आयुष्मान कार्ड सक्रिय होना चाहिए।
  • आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी होनी चाहिए।
  • जिस बीमारी का इलाज कराना है, वह योजना के पैकेज में शामिल हो।
  • इलाज के लिए चुना गया अस्पताल योजना की अधिकृत सूची में हो।

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