Edited By Tanuja,Updated: 25 Jul, 2026 06:37 PM

लाल सागर में सऊदी मालवाहक जहाज पर हमले के बाद सऊदी अरब ने यमन के हुदैदाह में एयरस्ट्राइक की। इसके जवाब में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब को कड़ी चेतावनी दी। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले और जवाबी कार्रवाई के आरोप लगा रहे हैं, जिससे पश्चिम एशिया में...
International Desk: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। लाल सागर में एक सऊदी मालवाहक जहाज पर हमले के बाद सऊदी अरब ने हूतियों के नियंत्रण वाले हुदैदाह शहर में हवाई हमले किए। इसके बाद हूतियों ने सऊदी अरब को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उसने अपने लिए "जहन्नुम के दरवाजे खोल दिए हैं।" सऊदी सरकारी समाचार एजेंसी SPA के अनुसार, NCC MASA नाम के मालवाहक जहाज पर लाल सागर में हमला हुआ। हमले में जहाज को मामूली नुकसान पहुंचा, लेकिन जांच के बाद उसे सुरक्षित घोषित कर दिया गया और वह अपने निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना हो गया। जहाज के सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।
जहाज पर हमले के कुछ समय बाद हूती प्रशासन ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने यमन के हुदैदाह शहर में हवाई हमले किए। हूती समर्थित अल मसीरा टीवी के मुताबिक, दूरसंचार विभाग से जुड़े ठिकानों और कमरान द्वीप को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट में एक महिला के घायल होने का भी दावा किया गया है। हूती विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सऊदी अरब ने "तनाव के बदले तनाव" की नीति अपनाई है और इसका जवाब दिया जाएगा। वहीं हूती प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए कहा कि सऊदी कार्रवाई ने "अपने लिए जहन्नुम के दरवाजे खोल दिए हैं।"
यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी ने कहा कि लाल सागर में जहाजों पर हूतियों के हमले "लापरवाह और कायराना" हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे हमले जारी रहे तो गठबंधन बिना किसी हिचकिचाहट के जवाबी कार्रवाई करेगा। हूतियों ने कुछ दिन पहले भी दावा किया था कि उन्होंने लाल सागर में कई सऊदी तेल टैंकरों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया था। हूती समूह का कहना है कि ये जहाज उनके घोषित समुद्री प्रतिबंध का उल्लंघन कर रहे थे। यह प्रतिबंध उन्होंने सना हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद लागू किया था, जिसके लिए वे सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराते हैं।