Edited By Pardeep,Updated: 09 Jun, 2026 08:32 PM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 जून 2026 को भारत के सबसे लंबे समय तक निरंतर सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
नेशनल डेस्कः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 जून 2026 को भारत के सबसे लंबे समय तक निरंतर सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बन जाएंगे। नरेन्द्र मोदी पहली बार वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री निर्वाचित हुए थे और उन्होंने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। वे 10 जून 2026 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार 13 मई 1952 को निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और 27 मई 1964 तक इस पद पर रहे। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल कुल 4,398 दिनों का रहा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का निरंतर कार्यकाल 26 मई 2014 से 10 जून 2026 तक 4,399 दिनों का हो जाएगा। इसके साथ वे भारतीय इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
यह अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है
● यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि भारत जैसे 1.4 अरब से अधिक आबादी वाले देश का शासन-प्रशासन अत्यंत व्यापक और जटिल है। भाषाई, सांस्कृतिक, धार्मिक तथा भौगोलिक विविधताओं से युक्त इस राष्ट्र का सफल नेतृत्व और संचालन अपने आप में एक बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती है।
● ऐसे समय में, जब अनेक देशों में राजनीतिक अस्थिरता, सरकारों में बार-बार परिवर्तन तथा नीतिगत अनिश्चितता देखने को मिल रही है, भारत में नेतृत्व और शासन में निरंतरता रही है।
● यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में लगातार तीन बार राष्ट्रीय जनादेशों द्वारा जनता का निरंतर भरोसा दर्शाता है। स्वतंत्र वैश्विक सर्वेक्षणों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लगातार विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेताओं में स्थान दिया गया है। साथ ही, उन्हें अब तक 30 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से भी सम्मानित किया गया है।
● प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का साधारण सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से उभरकर, किसी राजनीतिक वंश के समर्थन के बिना देश के सर्वोच्च निर्वाचित पद पर पहुंचना, भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था द्वारा प्रदान किए जाने वाले अवसरों और सामाजिक गतिशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण है।
● प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के दौरान लगभग 25 करोड़ भारतीय बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं। इस अवधि में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का तेजी से विस्तार, बड़े पैमाने पर आधारभूत ढांचे का विकास, कल्याणकारी योजनाओं के लाभ वितरण में उल्लेखनीय सुधार तथा व्यापक सामाजिक-आर्थिक प्रगति हुई है।
● इस अवधि में भारत ने विश्व की सबसे तेज़ गति से विकसित होने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी प्रतिष्ठा मजबूत की है। भारत ने प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के साथ महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते किए हैं तथा विकास, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों और विकासशील देशों की चिंताओं एवं प्राथमिकताओं जैसे वैश्विक विषयों पर अपनी प्रभावी एवं नेतृत्वकारी भूमिका सुदृढ़ की है।