Edited By Pardeep,Updated: 16 Jun, 2026 10:05 PM

महाराष्ट्र के नागपुर से एक ऐसा रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेशनल डेस्कः महाराष्ट्र के नागपुर से एक ऐसा रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक शादीशुदा महिला को न केवल नशीला पदार्थ देकर दरिंदगी का शिकार बनाया गया, बल्कि उसे धर्म परिवर्तन करने के लिए भी प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
जमीन के सौदे के बहाने बिछाया 'मौत का जाल'
घटना नागपुर के सोनेगांव थाना क्षेत्र की है। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी अय्याज मदार ने उसे जमीन के लेन-देन से जुड़े एक काम के सिलसिले में नागपुर-वर्धा रोड स्थित 'इंपीरियल ग्रीन होटल' में बुलाया था। होटल पहुंचते ही आरोपियों ने उसे नशीला पदार्थ और नींद की गोलियां दे दीं, जिसके बाद बेसुध हालत में उसके साथ रेप और अमानवीय टॉर्चर किया गया।
वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग और 3 लाख की मांग
हैवानियत यहीं नहीं रुकी। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने इस घिनौनी करतूत का वीडियो भी बना लिया। बाद में इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर महिला से तीन लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। महिला ने यह भी सनसनीखेज आरोप लगाया कि उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया जा रहा था।
चंगुल से भागकर थाने पहुंची पीड़िता, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
जब आरोपियों का जुल्म असहनीय हो गया, तो पीड़िता किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर सीधे सोनेगांव पुलिस स्टेशन पहुंची। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल छापेमारी की और मुख्य आरोपी अय्याज मदार व उसके सहयोगी आमिर शेख को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इंस्पेक्टर राहुल तसरे के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ रेप, ब्लैकमेल, जबरन वसूली, धर्म परिवर्तन का दबाव और महाराष्ट्र ब्लैक मैजिक एक्ट जैसी कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
विश्व हिंदू परिषद ने जताई गहरी चिंता
इस शर्मनाक घटना पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे बेहद गंभीर और चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह केवल एक अपराध नहीं बल्कि कानून व्यवस्था को चुनौती है। बंसल ने मांग की है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो समाज में एक मिसाल बने।