Edited By Parveen Kumar,Updated: 10 Jan, 2026 10:37 PM

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल का आरोप है कि उसकी बढ़ती ताकत से घबराकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूपों के गायब होने की जांच के नाम पर एक...
नेशनल डेस्क: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल का आरोप है कि उसकी बढ़ती ताकत से घबराकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूपों के गायब होने की जांच के नाम पर एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। अकाली दल का दावा है कि इस SIT का असली उद्देश्य जांच नहीं, बल्कि पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को राजनीतिक साजिश के तहत किसी झूठे मामले में फंसाना है।
अकाली दल का कहना है कि SIT में जानबूझकर ऐसे अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन पर आम आदमी पार्टी के इशारे पर काम करने और सुखबीर सिंह बादल से निजी दुश्मनी रखने के आरोप हैं। पार्टी नेताओं के मुताबिक यह पूरी कवायद “साम, दाम, दंड, भेद” की नीति के तहत की जा रही है।
SIT में शामिल अधिकारियों पर उठे सवाल
1. SIT प्रमुख – CP श्री अमृतसर साहिब गुरप्रीत सिंह भुल्लर
अकाली दल का आरोप है कि श्री दरबार साहिब के गलियारे में सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के मामले में गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने छह घंटे तक FIR दर्ज नहीं की। इतना ही नहीं, उन्होंने ऑन रिकॉर्ड यह बयान भी दिया कि हमला सहानुभूति हासिल करने के लिए खुद करवाया गया हो सकता है।
2. SIT सदस्य – SP हरपाल सिंह
इन पर आरोप है कि उन्होंने अकाली दल अध्यक्ष पर हमला करने वाले व्यक्ति को, श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के अनुसार, उस स्थान की जानकारी जुटाने में मदद की थी जहां सुखबीर सिंह बादल सेवा कर रहे थे।
3. SIT सदस्य – SP गुरबंस सिंह बैंस
अकाली दल का कहना है कि वे एक दागी अधिकारी हैं, जिन्हें अकाली सरकार के दौरान करप्शन केस में दोषी ठहराया गया था। साथ ही वे उस SIT का भी हिस्सा रह चुके हैं, जिसने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ कथित तौर पर झूठा मामला दर्ज किया था।
4. SIT सदस्य – DSP बेअंत जुनेजा
इन पर आम आदमी पार्टी से नजदीकी संबंध होने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि वे पटियाला से AAP के एक नेता के भाई हैं और हाल ही में लुधियाना में DSP पद पर प्रमोट हुए हैं।
अन्य नियुक्तियों पर भी सवाल
अकाली दल का आरोप है कि अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए AAP सरकार ने तरनतारन की पूर्व SSP डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल को विजिलेंस विभाग में तैनात किया है, जिन्हें तरनतारन उपचुनाव के दौरान सुखबीर सिंह बादल की शिकायत पर सस्पेंड किया गया था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस की पत्नी ज्योति यादव को बठिंडा का SSP बनाकर सीनियर अकाली नेतृत्व को निशाना बनाने की कोशिश का आरोप भी लगाया गया है।
अकाली दल का सख्त संदेश
शिरोमणि अकाली दल ने साफ शब्दों में कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी को यह समझ लेना चाहिए कि सुखबीर सिंह बादल किसी भी तरह की “गीदड़ भभकियों” से डरने वाले नहीं हैं। पार्टी का कहना है कि इन कदमों से AAP सरकार की घबराहट साफ झलकती है, जो अकाली दल की फिर से मजबूत होती पकड़ से परेशान है।