Post Office SCSS Scheme: रिटायरमेंट में तय इनकम, Zero रिस्क में हर तिमाही पाएं ₹61,500 तक

Edited By Updated: 19 May, 2026 12:56 PM

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Post Office SCSS Scheme: अगर आप भी अपने बुढ़ापे के लिए रिटायर्ड इनकम चाहते है तो पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) इसी तरह की एक सुरक्षित और लोकप्रिय योजना है, जिसमें पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और तय ब्याज के साथ नियमित इनकम मिलती...

Post Office SCSS Scheme: अगर आप भी अपने बुढ़ापे के लिए रिटायर्ड इनकम चाहते है तो पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) इसी तरह की एक सुरक्षित और लोकप्रिय योजना है, जिसमें पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और तय ब्याज के साथ नियमित इनकम मिलती है। यह योजना खासतौर पर 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है, ताकि वे रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर रह सकें और किसी पर निर्भर न होना पड़े।

Safe investments और fixed interest rates
SCSS को सरकार द्वारा संचालित किया जाता है, इसलिए इसमें जोखिम लगभग शून्य माना जाता है। इसमें निवेश करने पर सरकार एक निश्चित ब्याज दर देती है, जो मौजूदा समय में लगभग 8.2% सालाना है। सबसे खास बात यह है कि एक बार निवेश करने के बाद यह ब्याज दर पूरी अवधि (5 साल) तक समान रहती है, चाहे बाद में दरों में बदलाव हो जाए।

Investment Limits और Eligibility
इस योजना में कम से कम ₹1,000 से निवेश शुरू किया जा सकता है। अधिकतम निवेश की सीमा व्यक्तिगत खाते में ₹15 लाख और जॉइंट खाते में ₹30 लाख तक है। 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग इसमें खाता खोल सकते हैं। कुछ विशेष मामलों में जैसे VRS लेने वाले 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और रक्षा सेवाओं से रिटायर 50 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति भी इसमें निवेश कर सकते हैं।

मैच्योरिटी और समय सीमा
इस योजना की अवधि 5 साल होती है। चाहें तो इसे आगे 3 साल तक बढ़ाया भी जा सकता है। हालांकि, समय से पहले पैसा निकालने पर पेनल्टी लग सकती है, इसलिए इसे लंबी अवधि के निवेश के रूप में ही देखा जाता है।

SCSS में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट भी मिलती है। हालांकि, समय से पहले खाता बंद करने पर कुछ फायदे कम हो सकते हैं और पेनल्टी भी लगती है।

हर तिमाही तय इनकम कैसे मिलती है
अगर कोई व्यक्ति इस योजना में अधिकतम ₹30 लाख का निवेश करता है, तो 8.2% सालाना ब्याज के हिसाब से उसे लगभग ₹2,46,000 सालाना ब्याज मिलता है।

-यह राशि हर 3 महीने में बांटी जाती है, जिससे तिमाही इनकम करीब ₹61,500 बनती है।
-इस तरह निवेशक को हर महीने औसतन लगभग ₹20,500 की नियमित आय मिलती है।

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