Edited By Rohini Oberoi,Updated: 08 May, 2026 04:16 PM

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और ऑफिस में बिताए जाने वाले लंबे घंटों ने इंसानी रिश्तों की परिभाषा बदल दी है। फोर्ब्स एडवाइजर (Forbes Advisor) के एक हालिया सर्वे ने वर्कप्लेस रोमांस को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कार्यस्थल पर...
Office Affairs : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और ऑफिस में बिताए जाने वाले लंबे घंटों ने इंसानी रिश्तों की परिभाषा बदल दी है। फोर्ब्स एडवाइजर (Forbes Advisor) के एक हालिया सर्वे ने वर्कप्लेस रोमांस को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कार्यस्थल पर निजी और पेशेवर दूरियां तेजी से घट रही हैं और ऑफिस अफेयर्स के मामले अब आम बात होते जा रहे हैं।
सर्वे में शामिल 60 प्रतिशत से अधिक लोगों ने स्वीकार किया कि वे अपने ऑफिस में किसी न किसी तरह के रोमांटिक रिलेशनशिप में रहे हैं। राहत की बात या एक दिलचस्प पहलू यह है कि 43% मामलों में ये ऑफिस अफेयर महज आकर्षण नहीं रहे बल्कि शादी जैसे गंभीर पड़ाव तक पहुंचे हैं। एक डार्क साइड यह भी है कि करीब 40% लोग अपने वर्तमान पार्टनर को धोखा देकर अपने सहकर्मी (Co-worker) के साथ संबंध बनाने की बात कबूल कर चुके हैं। विशेषज्ञों और सर्वे में शामिल लोगों ने इसके पीछे मुख्य रूप से तीन कारण बताए हैं। अधिकांश लोगों का मानना है कि साथ काम करते हुए एक-दूसरे के स्वभाव और आदतों को समझना आसान होता है जिससे एक सहजता (Comfort) पैदा होती है।
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काम के बढ़ते दबाव के कारण लोगों के पास ऑफिस के बाहर सोशल लाइफ के लिए समय नहीं बचता। नए लोगों से मिलने का मौका न मिलने के कारण वे सहकर्मियों की ओर आकर्षित होते हैं। एक ही प्रोजेक्ट पर घंटों साथ काम करना, एक जैसी चुनौतियों का सामना करना और एक ही माहौल में रहने से भावनाएं जुड़ना स्वाभाविक हो जाता है।
कंपनियों के लिए बढ़ा सिरदर्द
ऑफिस में बढ़ते इन रिश्तों ने कंपनियों की एचआर (HR) पॉलिसी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कई कंपनियां अब अपने 'कोड ऑफ कंडक्ट' को सख्त बना रही हैं ताकि रिश्तों का असर काम की उत्पादकता (Productivity) पर न पड़े। वहीं सीनियर और जूनियर के बीच अफेयर होने पर अक्सर पक्षपात के आरोप लगते हैं जिससे निपटने के लिए नई गाइडलाइंस तैयार की जा रही हैं।