Edited By Anu Malhotra,Updated: 14 May, 2026 10:07 AM

Postmortem Process: किसी व्यक्ति की अचानक मौत हो जाए या उसकी मौत को लेकर परिवार, पुलिस या डॉक्टरों को शक हो, तो ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम कराया जाता है। यह एक बेहद संवेदनशील और वैज्ञानिक प्रक्रिया होती है। इसका मकसद केवल मौत की असली वजह का पता...
Postmortem Process: किसी व्यक्ति की अचानक मौत हो जाए या उसकी मौत को लेकर परिवार, पुलिस या डॉक्टरों को शक हो, तो ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम कराया जाता है। यह एक बेहद संवेदनशील और वैज्ञानिक प्रक्रिया होती है। इसका मकसद केवल मौत की असली वजह का पता लगाना होता है ताकि सच सामने आ सके।
क्या होता है पोस्टमार्टम?
पोस्टमार्टम को मेडिकल भाषा में 'ऑटोप्सी' कहा जाता है। यह एक ऐसी मेडिकल जांच है जिसमें डॉक्टर मृत शरीर की बाहरी और अंदरूनी जांच करते हैं। इस प्रक्रिया के जरिए यह समझने की कोशिश की जाती है कि व्यक्ति की मौत किस कारण हुई, मौत नेचुरल थी या किसी हादसे, जहर, चोट या अपराध से जुड़ी हुई है।
किन मामलों में जरूरी होता है पोस्टमार्टम?
हर मौत के बाद पोस्टमार्टम नहीं किया जाता। सामान्य और साफ तौर पर हुई नेचुरल मौत में इसकी जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में यह अनिवार्य माना जाता है, जैसे-
-सड़क हादसे में मौत
-आत्महत्या के मामले
-अचानक और संदिग्ध मौत
-हत्या की आशंका
-जहर या ड्रग्स ओवरडोज का शक
-पुलिस केस या कानूनी जांच से जुड़े मामले। इन परिस्थितियों में पोस्टमार्टम जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सबूत साबित होता है।
कैसे की जाती है जांच?
पोस्टमार्टम पूरी सावधानी और मेडिकल नियमों के अनुसार किया जाता है। इसमें शरीर के हर हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया जाता है।
1. शरीर की बाहरी जांच
सबसे पहले डॉक्टर शरीर के बाहरी हिस्सों को देखते हैं। इसमें चोट, कट, सूजन, जलने के निशान या किसी संघर्ष के संकेतों की जांच की जाती है। शरीर पर मौजूद हर छोटे निशान को रिकॉर्ड किया जाता है।
2. अंदरूनी अंगों की जांच
इसके बाद शरीर के अंदर मौजूद महत्वपूर्ण अंगों जैसे दिल, फेफड़े, लीवर, किडनी और दिमाग की जांच की जाती है। डॉक्टर यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि किसी अंग में बीमारी, चोट या असामान्य स्थिति तो नहीं थी।
3. सैंपल टेस्ट
पोस्टमार्टम के दौरान खून, पेट में मौजूद पदार्थ, यूरिन और शरीर के अन्य फ्लूइड्स के सैंपल लिए जाते हैं। इन्हें लैब में भेजा जाता है, जहां यह जांच होती है कि शरीर में जहर, शराब, ड्रग्स या कोई जहरीला केमिकल मौजूद था या नहीं।
क्या पोस्टमार्टम से हमेशा सच सामने आ जाता है?
ज्यादातर मामलों में पोस्टमार्टम से मौत की असली वजह पता चल जाती है। हालांकि कुछ मामलों में केवल शुरुआती जांच काफी नहीं होती। तब डॉक्टरों को लैब रिपोर्ट, टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट और दूसरी मेडिकल जांच का इंतजार करना पड़ता है। इन सभी रिपोर्ट्स के बाद अंतिम परिणाम तैयार किया जाता है।
क्यों जरूरी है पोस्टमार्टम?
पोस्टमार्टम सिर्फ मेडिकल प्रक्रिया नहीं, बल्कि न्यायिक जांच का अहम हिस्सा भी है। यह न केवल मौत की वजह स्पष्ट करता है, बल्कि कई बार अपराधियों तक पहुंचने में भी मदद करता है। इसके जरिए परिवार को सच्चाई जानने का मौका मिलता है और कानून को सही दिशा में जांच आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है।