Edited By Anu Malhotra,Updated: 12 Jan, 2026 12:14 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यालय जल्द ही साउथ ब्लॉक से नई जगह सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित होने वाला है। यह बदलाव इतिहास में पहली बार होगा, क्योंकि अब तक पीएमओ साउथ ब्लॉक में ही स्थित था। नया कार्यालय आधुनिक सुविधाओं और हाई‑टेक...
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यालय जल्द ही साउथ ब्लॉक से नई जगह सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित होने वाला है। यह बदलाव इतिहास में पहली बार होगा, क्योंकि अब तक पीएमओ साउथ ब्लॉक में ही स्थित था। नया कार्यालय आधुनिक सुविधाओं और हाई‑टेक बिल्डिंग के साथ तैयार किया गया है, जिससे प्रशासनिक कामकाज और सुरक्षा को और बेहतर बनाने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह परिवर्तन इस हफ्ते हो सकता है।
यह पहली बार होगा जब प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से बाहर जाएगा। साउथ ब्लॉक का इस्तेमाल देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय से पीएमओ के रूप में होता रहा है।
नया PMO: आधुनिक तकनीक से लैस
सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी नए कार्यालय में 14 जनवरी, मकर संक्रांति के दिन शिफ्ट हो सकते हैं। सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स को लार्सन एंड टर्बो कंपनी ने बनाया है, जिसका निर्माण कॉन्ट्रैक्ट कंपनी को 2022 में मिला था।
नए कॉम्प्लेक्स में तीन अलग‑अलग बिल्डिंग होंगी:
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सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
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सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय
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सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का ऑफिस
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित हो गया था। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) भी जल्द ही नए परिसर में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले कैबिनेट सचिवालय राष्ट्रपति भवन से संचालित होता था, जबकि NSCS सरदार पटेल भवन में स्थित था।
सेवा तीर्थ: सेंट्रल विस्टा योजना का हिस्सा
सेवा तीर्थ का निर्माण सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत किया गया है। इसके तीन भवन हाई-टेक सुविधाओं से लैस हैं। यह नया परिसर न केवल आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है बल्कि सुरक्षा मानकों के लिहाज से भी अत्यंत मजबूत माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रधानमंत्री ने अपने सरकारी आवास रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा था। साथ ही, राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य भवन किया गया था। अब नए केंद्रीय सचिवालय परिसरों के नामकरण में भी कर्तव्य भवन का इस्तेमाल किया गया है।
अजीत डोभाल का दफ्तर होगा शिफ्ट
इस बदलाव के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कार्यालय सभी एक ही परिसर में आने से प्रशासनिक समन्वय और कार्यकुशलता में सुधार की उम्मीद है।