Edited By Pardeep,Updated: 25 Feb, 2026 09:59 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल दौरे के दौरान Knesset को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख दोहराया।
इंटरनेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल दौरे के दौरान Knesset को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख दोहराया। उन्होंने 7 अक्टूबर के हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होना चाहिए।
यह नौ वर्षों में उनकी दूसरी इजराइल यात्रा है। एयरपोर्ट पर इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और उनकी पत्नी ने उनका स्वागत किया। उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
“आतंकवाद पर दोहरा मापदंड नहीं”
संसद में अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि 7 अक्टूबर की हिंसा ने मानवता को झकझोर दिया। उन्होंने Hamas का नाम लेते हुए कहा कि आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जानी चाहिए और इस मुद्दे पर दोहरे मानदंड नहीं चल सकते। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि भारत इजराइल के साथ मजबूती से खड़ा है और हर निर्दोष जान के नुकसान पर दुख व्यक्त करता है।
गाजा और शांति प्रक्रिया पर भारत का रुख
प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अनुमोदित गाजा शांति पहल एक संभावित रास्ता दिखाती है। भारत ने इस प्रयास का समर्थन किया है। उन्होंने दोहराया कि स्थायी समाधान के लिए संवाद, संतुलन और मानवीय दृष्टिकोण जरूरी है, जिसमें फिलिस्तीन मुद्दे का न्यायसंगत समाधान भी शामिल हो।
रणनीतिक साझेदारी और नवाचार पर फोकस
पीएम मोदी ने भारत-इजराइल संबंधों को “स्वाभाविक साझेदारी” बताया। उन्होंने सुरक्षा सहयोग, तकनीक, स्टार्टअप और व्यापार को रिश्तों की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि इजराइल ने सीमित संसाधनों के बावजूद रेगिस्तान में कृषि और तकनीक के क्षेत्र में मिसाल कायम की है। वहीं भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और नवाचार का केंद्र बन रहा है।
संसद में गर्मजोशी भरा माहौल
संबोधन से पहले संसद में “मोदी-मोदी” के नारे लगे। स्पीकर आमिर ओहाना ने हिंदी में स्वागत करते हुए भारत को दुनिया की सबसे तेज विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में बताया। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने संबोधन में भारत को “महान मित्र” और “भाई” कहा। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार और सहयोग में तेजी का जिक्र किया और पीएम मोदी को अपना करीबी मित्र बताया। नेतन्याहू ने मुस्कुराते हुए “मोदी हग” का भी उल्लेख किया और कहा कि यह दोस्ती सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि दिल से जुड़ी है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में शहीद हुए हजारों भारतीय सैनिकों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भारत और इजराइल का रिश्ता सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि इतिहास और मानवीय मूल्यों से भी जुड़ा है।इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है, जहां सुरक्षा के साथ-साथ शांति और विकास पर भी समान रूप से जोर दिया गया।