Edited By Anu Malhotra,Updated: 30 Sep, 2026 10:44 AM

दहेज की लगातार बढ़ती मांग और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर पुणे में 24 साल की एक महिला IT इंजीनियर ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। शादी के महज चार महीने बाद ही घटी इस घटना ने समाज में जड़ जमा चुके दहेज प्रथा के खौफनाक चेहरे को एक बार फिर बेनकाब...
पुणे: दहेज की लगातार बढ़ती मांग और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर पुणे में 24 साल की एक महिला IT इंजीनियर ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। शादी के महज चार महीने बाद ही घटी इस घटना ने समाज में जड़ जमा चुके दहेज प्रथा के खौफनाक चेहरे को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है। महिला के माता-पिता ने बताया कि उन्होंने शादी में 45 लाख रुपये खर्च किए और 116.64 ग्राम सोना दिया, लेकिन उसके पति और ससुराल वाले कथित तौर पर कार खरीदने के लिए और 5 लाख रुपये की मांग करते रहे और इस मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते रहे।
मृतक महिला की पहचान वैष्णवी ओंकार गिसरे के तौर पर हुई है, जो पुणे के वडाचीवाड़ी इलाके की एक रेजिडेंशियल सोसाइटी में अपने पति के साथ रहती थी। उसकी मौत के बाद, पुरंदर तालुका के रहने वाले उसके पिता प्रवीण रघुनाथ जरंडे (51) ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, वैष्णवी की शादी इस साल 9 मई को ओंकार संजय गिसरे (28) से हुई थी। उसके परिवार का दावा है कि उन्होंने शादी में करीब 45 लाख रुपये खर्च किए और तोहफे के तौर पर 10 तोला सोना दिया।
लेकिन परिवार का आरोप है कि शादी के बाद हालात बदल गए। शिकायत में कहा गया है कि वैष्णवी से बार-बार कहा जाता था कि वह कार खरीदने में मदद के लिए अपने माता-पिता से 5 लाख रुपये लाए। उसके परिवार का आरोप है कि इस मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान भी किया जाता था। पुलिस ने बताया कि वैष्णवी ने गुरुवार रात अपने घर पर छत के पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली।
पिता की शिकायत के बाद, पुलिस ने उसके पति, ससुर संजय महादेव गिसरे (49) और सास रूपाली संजय गिसरे (42) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर दहेज निषेध कानून की संबंधित धाराओं और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच चल रही है।