Edited By Pardeep,Updated: 07 Sep, 2026 11:03 PM

पश्चिम बंगाल में आगामी दुर्गा पूजा को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने कई महत्वपूर्ण और बड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार ने पहली बार दुर्गा पूजा के दौरान महाअष्टमी के दिन शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का फैसला...
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी दुर्गा पूजा को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने कई महत्वपूर्ण और बड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार ने पहली बार दुर्गा पूजा के दौरान महाअष्टमी के दिन शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अष्टमी के पावन अवसर पर, जब श्रद्धालु मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित करते हैं, तब राज्य की सभी शराब की दुकानें और बार पूरी तरह से बंद रहेंगे।
पूजा समितियों के लिए वित्तीय सहायता और नियमों में छूट
सरकार ने पूजा के सुचारू आयोजन के लिए समितियों को 1 लाख रुपये का अनुदान, मुफ्त बिजली और अनिवार्य फायर सेफ्टी लाइसेंस के शुल्क में छूट देने का ऐलान किया है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने सक्षम और बड़े बजट वाली पूजा समितियों से अपील की है कि वे इस सरकारी सहायता को न लें। उन्होंने कहा कि लोग अब सरकार पर अधिक निर्भर होने लगे हैं, जबकि पहले पूजा का आयोजन केवल चंदे से होता था। इसलिए, यह 1 लाख रुपये का अनुदान केवल उन्हीं समितियों के लिए है जो इसके बिना पूजा का आयोजन नहीं कर सकती हैं।
डीजे (DJ) बजाने पर रोक और पारंपरिक मर्यादा बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री ने सभी पूजा आयोजकों से अपील की है कि वे अपनी मूर्तियों, पंडालों या थीम में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ छेड़छाड़ न करें और न ही किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं। इसके साथ ही, मूर्ति विसर्जन के जुलूसों में डीजे (DJ) बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। अव्यवस्था से बचने के लिए उन्होंने समितियों से लक्ष्मी पूजा से एक दिन पहले ही मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है ताकि आगामी त्योहार के दौरान कोई अव्यवस्था न हो।
इस साल नहीं होगा ऐतिहासिक 'दुर्गा पूजा कार्निवल'
इस बार उत्सव में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में शुरू की गई प्रसिद्ध 'दुर्गा पूजा कार्निवल' की परंपरा को इस साल से बंद करने का फैसला लिया गया है। कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित होने वाले इस कार्निवल में शहर की प्रमुख पूजा समितियां विसर्जन से पहले अपनी भव्य मूर्तियों का प्रदर्शन करती थीं, जिसे अब बंद कर दिया गया है।