Amarnath Yatra 2026: बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बड़ी खबर! इस दिन से शुरु होगी रजिस्ट्रेशन, जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस और नियम

Edited By Updated: 13 Apr, 2026 03:27 PM

registration for amarnath yatra 2026 to begin from april 15

बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए अमरनाथ जाने वाले भक्तों के लिए बड़ी खबर आई है। इस साल 3 जुलाई से लेकर 9 अगस्त तक यह यात्रा चलेगी। श्रद्धा और रोमांच से भरी इस 38 दिवसीय यात्रा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो जाएगी। आइए जानते हैं...

Amarnath Yatra 2026: बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए अमरनाथ जाने वाले भक्तों के लिए रजिस्ट्रेशन से जुड़ी बड़ी खबर आई है। इस साल 3 जुलाई से लेकर 9 अगस्त तक यह यात्रा चलेगी। श्रद्धा और रोमांच से भरी इस 38 दिवसीय यात्रा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो जाएगी। आइए जानते हैं कि इस यात्रा के लिए इच्छुक भक्त कैसे अपनी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन के लिए अपनाएं ये प्रक्रिया

श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण करा सकते हैं:

  • ऑनलाइन माध्यम: भक्त श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए फोटो और हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य होगा।
  • ऑफलाइन माध्यम: देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। यहाँ 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर परमिट जारी किए जाते हैं।
  • शुल्क: प्रति व्यक्ति पंजीकरण शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है।

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अनिवार्य दस्तावेज और स्वास्थ्य नियम

यात्रा की दुर्गमता को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं:

  1. यात्रियों के पास 8 अप्रैल 2026 के बाद अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी किया गया 'अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र' (CHC) होना चाहिए।
  2. केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही यात्रा कर सकते हैं।
  3. 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  4. रजिस्ट्रेशन के बाद जम्मू या कश्मीर के निर्धारित केंद्रों से RFID कार्ड लेना अनिवार्य है। इसके बिना प्रवेश द्वार (चंदनवाड़ी या डोमेल) से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।

इन दो मार्गों से कर सकेंगे यात्रा

श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार दो रास्तों में से किसी एक को चुन सकते हैं।

  • पहलगाम मार्ग: यह पारंपरिक रास्ता है, जिसकी दूरी लगभग 46 किमी है। इसमें चढ़ाई थोड़ी आसान है लेकिन समय अधिक लगता है।
  • बालटाल मार्ग: यह छोटा रास्ता (करीब 14 किमी) है, लेकिन इसकी चढ़ाई काफी खड़ी और कठिन है।

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भक्तों के लिए जरूरी सलाह

 बदलते मौसम के कारण यात्रियों को गर्म कपड़े, जरूरी दवाएं और रेनकोट साथ रखने की सलाह दी गई है। जो श्रद्धालु पैदल चलने में असमर्थ हैं, वे हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ भी उठा सकते हैं, जिसकी बुकिंग भी जल्द शुरू होगी।

 

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