Edited By Radhika,Updated: 13 Apr, 2026 12:29 PM

विदेश में घूमने का साथ-साथ वेपिंग का शौक रखने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। विदेश में घूमने के दौरान आपकी एक छोटी सी गलती आपको भारी पड़ सकती है। दक्षिण-पूर्वी एशिया का मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन थाईलैंड अब स्मोकर्स के लिए दुनिया के सबसे सख्त...
Vaping in Thailand : विदेश में घूमने का साथ-साथ वेपिंग का शौक रखने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। विदेश में घूमने के दौरान आपकी एक छोटी सी गलती आपको भारी पड़ सकती है। दक्षिण-पूर्वी एशिया का मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन थाईलैंड अब स्मोकर्स के लिए दुनिया के सबसे सख्त देशों में से एक बन चुका है। यहाँ के सख्त कानून और भारी जुर्माना किसी भी पर्यटक की छुट्टियों का मजा किरकिरा कर सकते हैं।
2014 में लगाया था पूर्ण प्रतिबंध
थाईलैंड सरकार ने साल 2014 में ही सार्वजनिक स्वास्थ्य और युवाओं को नशे से बचाने के लिए ई-सिगरेट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। वर्ष 2026 में इन नियमों को और अधिक कठोर बना दिया गया है। थाईलैंड में निम्नलिखित गतिविधियों को गंभीर अपराध माना जाता है:
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ई-सिगरेट या वेपिंग डिवाइस को देश में लाना।
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इन उपकरणों को अपने पास रखना।
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वेप डिवाइस या ई-लिक्विड की खरीद-बिक्री करना।

क्या-क्या है बैन की लिस्ट में?
थाईलैंड का यह कानून बेहद लंबा- चौड़ा है। प्रतिबंध के दायरे में केवल डिवाइस ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी चीजें जैसे वेपिंग डिवाइस और पॉड्स, ई-लिक्विड, रिफिल और डिवाइस के चार्जर और अन्य एक्सेसरीज भी शामिल हैं।
पर्यटकों के लिए चेतावनी
अक्सर विदेशी पर्यटक यह सोचकर वेप साथ ले जाते हैं कि यह एक छोटा सा व्यक्तिगत उपकरण है, लेकिन थाईलैंड की पुलिस और प्रशासन इसे लेकर बेहद सख्त हैं। एयरपोर्ट पर चेकिंग से लेकर होटलों तक, इन प्रतिबंधित वस्तुओं के मिलने पर न केवल लाखों का जुर्माना देना पड़ सकता है, बल्कि जेल की सजा का भी प्रावधान है।

सरकार की सख्ती की वजह
थाईलैंड सरकार का स्पष्ट मानना है कि ई-सिगरेट पारंपरिक सिगरेट से कम हानिकारक नहीं है और यह युवाओं में निकोटीन की लत को बढ़ावा देती है। इसी वजह से प्रशासन ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है ताकि देश को नशामुक्त बनाया जा सके।