Edited By Sahil Kumar,Updated: 07 Apr, 2026 05:31 PM

राजधानी के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकआंदोलन न्यास की कार्यकारी अध्यक्ष कल्पना इनामदार ने देश की आर्थिक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय हालात पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक तनाव और घरेलू महंगाई मिलकर आम...
नई दिल्ली : राजधानी के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकआंदोलन न्यास की कार्यकारी अध्यक्ष कल्पना इनामदार ने देश की आर्थिक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय हालात पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक तनाव और घरेलू महंगाई मिलकर आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि संगठन की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भेजा गया है, जिसमें भारत से वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाने की मांग की गई है। उनका मानना है कि भारत की कूटनीतिक साख और संतुलित संबंध उसे एक प्रभावी मध्यस्थ बना सकते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में महंगाई का मुद्दा केंद्र में रहा। कल्पना इनामदार ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के बजट पर गहरा असर डाला है। उन्होंने बताया कि ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका असर सीधे खाद्य वस्तुओं और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईंधन की कीमतों में टैक्स का हिस्सा ज्यादा है और सरकार चाहे तो इसमें कटौती कर लोगों को राहत दे सकती है। साथ ही एलपीजी गैस पर सब्सिडी बहाल करने की मांग भी दोहराई गई। वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर बात करते हुए कल्पना इनामदार ने ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और भारत जैसे देश को शांति स्थापना में आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा, “दुनिया को इस वक्त हथियारों से ज्यादा बातचीत और भरोसे की जरूरत है।” अगर भारत पहल करता है तो इससे न केवल वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संदेश जाएगा, बल्कि देश के भीतर भी आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिलेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन की ओर से पांच प्रमुख मांगें रखी गईं—भारत को तटस्थ मध्यस्थ के रूप में आगे लाना, कूटनीतिक प्रयास तेज करना, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी, एलपीजी पर सब्सिडी बहाल करना और महंगाई पर नियंत्रण के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयास। अंत में कल्पना इनामदार ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह इस चुनौतीपूर्ण समय में आम नागरिकों के हित को प्राथमिकता देते हुए जल्द प्रभावी निर्णय ले।