स्कूल ऑफ एमिनेंस 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए स्टूडेंट्स को तैयार कर रहा है

Edited By Updated: 08 Dec, 2025 06:16 PM

school of eminence preparing students for the challenges of the 21st century

पंजाब सरकार का मकसद हर बच्चे को अच्छी शिक्षा देना है। इसी मकसद से 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' खोला गया है। स्कूल ऑफ एमिनेंस में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और लैबोरेटरी और स्पोर्ट्स ग्राउंड हैं, जिनमें कई तरह की स्पोर्ट्स सुविधाएं हैं। भगवंत सिंह मान की लीडरशिप...

नेशनल डेस्क: पंजाब सरकार का मकसद हर बच्चे को अच्छी शिक्षा देना है। इसी मकसद से 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' खोला गया है। स्कूल ऑफ एमिनेंस में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और लैबोरेटरी और स्पोर्ट्स ग्राउंड हैं, जिनमें कई तरह की स्पोर्ट्स सुविधाएं हैं। भगवंत सिंह मान की लीडरशिप वाली पंजाब सरकार की योजना पूरे राज्य में ऐसे 118 स्कूल खोलने और उन्हें क्लास 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर डेवलप करने की है।

स्कूल ऑफ एमिनेंस एक ऐसा मॉडल है जिसे न सिर्फ पंजाब में बल्कि पूरे देश में दोहराया जा सकता है। स्कूल ऑफ एमिनेंस का कॉन्सेप्ट पारंपरिक पढ़ाने के तरीकों से कहीं आगे है। ये स्टेट-ऑफ-द-आर्ट शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टूडेंट डेवलपमेंट के लिए एक होलिस्टिक अप्रोच की नींव पर बने हैं। ये स्कूल क्रिएटिविटी को बढ़ावा देने और ऐसे मूल्य पैदा करने के लिए बनाए गए हैं जो स्टूडेंट्स को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।

ये स्कूल सरकारी स्कूलों की मौजूदा बिल्डिंग्स के बेसिक स्ट्रक्चर को बेहतर बनाकर बनाए गए हैं। इन स्कूलों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें प्राइवेट स्कूलों के स्टूडेंट्स के लिए भी 25 परसेंट सीटें रिज़र्व की गई हैं, जिससे सरकारी स्कूलों के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों के स्टूडेंट्स को भी वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन का फायदा मिल सकेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान की कोशिशों से पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य होगा जहां राज्य के सभी स्कूलों में कोई भी स्कूल बिना टीचर या सिंगल टीचर वाला नहीं होगा।

पंजाब की पहचान एजुकेशन क्रांति के तौर पर होगी

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में एजुकेशन के फील्ड में एक नई क्रांति शुरू हो गई है। वह दिन दूर नहीं जब एजुकेशन के फील्ड में पंजाब का नाम सबसे पहले लिया जाएगा। स्कूल ऑफ एमिनेंस इस कोशिश में सबसे बड़ी कड़ी के तौर पर काम करेगा क्योंकि यह खासकर गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों को अच्छी क्वालिटी की एजुकेशन देगा। पहले पंजाब ग्रीन और व्हाइट रेवोल्यूशन के लिए जाना जाता था लेकिन अब यह राज्य एजुकेशन रेवोल्यूशन के लिए जाना जाएगा।
 

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