भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने में देरी को लेकर शाह ने ममता पर साधा निशाना

Edited By Updated: 21 Aug, 2026 05:39 PM

shah targets mamata over delay in fencing the india bangladesh border

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि जब तक सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो पश्चिम बंगाल और न ही भारत सुरक्षित रह सकता है। शाह ने साथ ही आरोप लगाया कि कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में...

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि जब तक सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो पश्चिम बंगाल और न ही भारत सुरक्षित रह सकता है। शाह ने साथ ही आरोप लगाया कि कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा करने के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं कराई। शाह ने उत्तर बंगाल के अपने दौरे के दूसरे दिन यहां सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के फ्रंटियर मुख्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में ममता बनर्जी पर निशाना साधा। शाह ने कहा, ''मैंने सीमा पर बीएसएफ द्वारा बाड़ लगाए जाने के लिए जमीन मुहैया कराने को लेकर कई बार गुहार लगाई लेकिन ममता बनर्जी ने इसे अनसुना कर दिया। मैं सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए 1,129 एकड़ जमीन की मांग 2014 से कर रहा था। राज्य में (मुख्यमंत्री) शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद ही हमें यह जमीन मिली।''

PunjabKesari

शाह ने कहा कि राज्य के किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने एसएसबी या सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कार्यक्रमों में कभी हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने मंच पर उनके साथ मौजूद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को यह चलन तोड़ने के लिए बधाई दी। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ''पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री निमंत्रण भेजे जाने के बावजूद एसएसबी के समारोहों में कभी शामिल नहीं हुए। एसएसबी कोई राजनीतिक संगठन नहीं है। यह बल ऐसी बातों से ऊपर है।'' उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले बलों के प्रति इस तरह की उदासीनता से गलत संदेश जाता है। राज्य में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद बृहस्पतिवार शाम बागडोगरा पहुंचे शाह ने केंद्र की सुरक्षा संबंधी जरूरतों पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की। शाह ने कहा, ''हमें सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए जो भी चाहिए था, वह शुभेंदु अधिकारी के सत्ता में आने के बाद से मिला। अब तो परियोजनाओं के लिए औपचारिक पत्र भेजे जाने से पहले ही राज्य की मंजूरी मिल जाती है।'' उन्होंने कहा, ''अत्यंत संवेदनशील सिलीगुड़ी गलियारे की सुरक्षा मजबूत करने के लिए हमें 560 एकड़ जमीन की जरूरत थी लेकिन ममता बनर्जी की (पूर्व) सरकार ने इतने वर्षों तक यह जमीन नहीं दी। मैं सत्ता में आने के तुरंत बाद जमीन देने की मंजूरी के लिए (शुभेंदु) अधिकारी को धन्यवाद देना चाहता हूं। आज इस कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी हमारे लिए सोने पर सुहागा है।''

शाह ने सिलीगुड़ी में 80 एकड़ भूमि पर सीमा सुरक्षा प्रशासन मुख्यालय के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आवाजाही सुगम बनाने के लिए देशभर में प्रस्तावित सात परिवहन गलियारों में शामिल सिलीगुड़ी-नयी दिल्ली परिवहन गलियारे का निर्माण अब पहले से कहीं अधिक वास्तविकता के करीब है। गृह मंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आजादी के बाद देश की पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा इसे उचित सम्मान नहीं दिए जाने से वह दुखी थे। उन्होंने कहा, ''इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले में 'वंदे मातरम्' का पूरा संस्करण गाया गया लेकिन इससे पहले भारत में 'वंदे मातरम्' का पूरा संस्करण कभी नहीं गाया गया था। इस साल उसे वह सम्मान मिला जिसका वह हकदार है। मुझे इस बात की तसल्ली है कि ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा इसकी रचना के 150वें वर्ष में देश ने आखिरकार इस गीत को उचित मान्यता दी है।'' गृह मंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम से वर्तमान और भावी पीढ़ियों को चट्टोपाध्याय की वास्तविक राष्ट्रवादी सोच और उनके योगदान को अधिक स्पष्टता एवं विस्तार से समझने में मदद मिलेगी। शाह का कार्यक्रम सीमा सुरक्षा कर्मियों के साथ दोपहर का भोजन करने के बाद सिलीगुड़ी के कावाखाली मैदान जाना है जहां वह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) पर आयोजित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे।

PunjabKesari

कार्यक्रम में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और तस्करी व अन्य सीमा-पार गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए केंद्र और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पहले ही 242 किलोमीटर का इलाका बीएसएफ को सौंप दिया है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने 100 दिनों के इतने कम समय में बीएसएफ को सीमा की सुरक्षा के लिए 242 किलोमीटर का इलाका सौंपा है।" अधिकारी ने तस्करी और सीमा पार की अन्य गतिविधियों को रोकने के लिए राज्य प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "देश सबसे ऊपर है। हमें अपने देश को सुरक्षित रखने, राजस्व के नुकसान को रोकने, तस्करी खत्म करने और अपनी सीमाओं को सुरक्षित बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना होगा।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एसएसबी (जो नेपाल और भूटान के साथ भारत की सीमाओं की सुरक्षा करती है) और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों को पूरा सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल के किसी मुख्यमंत्री ने एसएसबी के ऐसे कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में शाह की भूमिका की तारीफ़ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस, खुफिया एजेंसियां ​​और जीएसटी विभाग, सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेंगे। अधिकारी ने कहा, "मैं खास तौर पर एसएसबी परिवार को भरोसा दिलाता हूं कि पश्चिम बंगाल सरकार और भारत सरकार का गृह मंत्रालय मिलकर काम करेंगे।" 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!