Edited By Sahil Kumar,Updated: 16 Sep, 2026 04:27 PM

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने के केंद्र सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर छोटे दुकानदारों और व्यापारियों पर पड़ेगा।
जयपुरः राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने के केंद्र सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर छोटे दुकानदारों और व्यापारियों पर पड़ेगा।
गहलोत ने एक बयान में कहा, ''अमीर व्यापारियों के लाखों करोड़ रुपये का ऋण माफ करने वाली मोदी सरकार अब 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत तक शुल्क वसूलने जा रही है।'' उन्होंने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर छोटे दुकानदारों और व्यापारियों पर पड़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस शुल्क का बोझ आखिर में ग्राहक पर ही पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ''ऐसे कदम बार-बार साबित करते हैं कि यह (मोदी) सरकार गरीबों, मध्यम वर्ग के लोगों तथा छोटे व्यापारियों को लूटने और अमीरों की जेबें भरने का काम कर रही है।'' उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर से यूपीआई लेनदेन पर नयी शुल्क व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर व्यापारियों से 0.4 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा, जबकि 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी।