Edited By Pardeep,Updated: 24 Jul, 2026 02:38 AM

नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे समाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है।
नेशनल डेस्कः नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे समाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है। शुक्रवार को उनके आंदोलन का 27वां दिन था, जब सूत्रों के हवाले से यह बड़ी खबर सामने आई।
यह घटनाक्रम केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह द्वारा बृहस्पतिवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में वांगचुक से मुलाकात के बाद सामने आया। दोनों मंत्रियों ने वांगचुक को सरकार की ओर से आश्वासन दिया।
इससे पहले, नड्डा ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो एवं अन्य लोगों की मौजूदगी में उन्हें सरकार का भरोसा दिलाते हुए कहा, "सरकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध-प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई, 2026 को संसद तक मार्च में शामिल होने वालों के खिलाफ मामले दर्ज न करने को लेकर सकारात्मक रुख अपना रही है।"
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही संसद में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर चर्चा कराने का आश्वासन दे चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के नीट प्रश्नपत्र लीक प्रकरणों से जुड़े आत्महत्या के पीड़ितों के परिजनों को उपयुक्त मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सरकार सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।
वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, "केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में 26 दिन बाद मैंने अपना अनशन समाप्त किया।" वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के बाद कहा कि विभिन्न शर्तों पर लंबी और गंभीर वार्ताओं के उपरांत तथा देश में संभावित हिंसा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया।