Edited By Pardeep,Updated: 24 Jul, 2026 02:34 AM

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा)ने बृहस्पतिवार देर रात कहा कि उन्हें जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिन से जारी अनशन समाप्त करने से 'राहत और खुशी' हुई है, लेकिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनका शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक...
नेशनल डेस्कः कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा)ने बृहस्पतिवार देर रात कहा कि उन्हें जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिन से जारी अनशन समाप्त करने से ''राहत और खुशी'' हुई है, लेकिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनका शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के खिलाफ कॉजपा के नेतृत्व में छात्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में वांगचुक को उनके 'असाधारण साहस और त्याग' के लिए धन्यवाद दिया। दीपके ने कहा, ''हमें राहत मिली है और हम आभारी हैं कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपना अनशन समाप्त कर दी है। सर, आपके असाधारण साहस और त्याग के लिए आपका धन्यवाद। अपनी जान जोखिम में डालकर आपने पूरे देश की अंतरात्मा को जगाया है। इस देश के लिए आपकी जान बहुत कीमती है।''
उन्होंने कहा, ''जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।'' वांगचुक ने बृहस्पतिवार देर रात अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी। केंद्र सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी और परीक्षा में सुधार तथा कथित नीट प्रश्नपत्र लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने जैसी उनकी मुख्य मांगों पर विचार करेगी।