महाराष्ट्र में अवारा कुत्तों का आतंक, 7 घंटे में करीब 130 लोगों को काटा

Edited By Updated: 11 Aug, 2026 12:07 AM

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महाराष्ट्र में ठाणे जिले के कल्याण (पश्चिम) इलाके में रेबीज ग्रस्त एक आवारा कुत्ते ने सात घंटे के भीतर करीब 130 लोगों को काट लिया जिसके बाद 25 को अस्पताल में भर्ती कराया गया तथा गंभीर रूप से घायल 11 वर्षीय बच्ची को विशिष्ट चिकित्सा के लिए मुंबई भेजा...

नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र में ठाणे जिले के कल्याण (पश्चिम) इलाके में रेबीज ग्रस्त एक आवारा कुत्ते ने सात घंटे के भीतर करीब 130 लोगों को काट लिया जिसके बाद 25 को अस्पताल में भर्ती कराया गया तथा गंभीर रूप से घायल 11 वर्षीय बच्ची को विशिष्ट चिकित्सा के लिए मुंबई भेजा गया। नगर निकाय के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक रविवार अपराह्न करीब दो बजे संदीप होटल इलाके में यह घटना शुरू हुई, जब आक्रामक कुत्ता राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और ऑटो-रिक्शा में सवार लोगों पर झपटने लगा।

प्रत्यक्षदर्शियों और कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कुत्ता सड़कों और गलियों में चल रहे लोगों पर पीछे से हमला कर रहा था। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई और बिरला कॉलेज रोड, पुराने आरटीओ कार्यालय तथा भोईरवाड़ी के निवासियों ने खुद को घरों में बंद कर लिया। रविवार होने के बावजूद अभिभावकों ने बच्चों को खेल के मैदानों में जाने से रोक दिया।

अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 25 पीड़ितों का इलाज नगर निगम के रुक्मिणीबाई अस्पताल में चल रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायल 11 वर्षीय बच्ची को बेहतर इलाज के लिए मुंबई के लोकमान्य तिलक निगम जनरल अस्पताल (सियॉन अस्पताल) भेजा गया है। रुक्मिणीबाई अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप पगारे ने बताया कि रविवार शाम तक कुत्ते के काटने के 110 से 130 मामले दर्ज किए गए थे। कई मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

इस बीच, गुस्साए स्थानीय लोगों ने कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि रविवार की छुट्टी होने के कारण मदद के लिए की गई बार-बार की फोन कॉल का जवाब नहीं दिया गया। स्थानीय लोगों ने नगर निगम के कुत्ता नसबंदी केंद्र की गहन जांच की मांग की। इस केंद्र पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।

नगर निकाय के अधिकारियों ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि कथित आवारा पागल कुत्ते का पता लगा लिया गया है या उसे पकड़ लिया गया है। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल अधिकारियों को अस्पतालों, स्कूलों और परिवहन केंद्रों जैसे सार्वजनिक एवं संस्थागत परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाकर उन्हें निर्धारित आश्रय स्थलों में रखने का निर्देश दिया था। इस साल मई में शीर्ष अदालत ने नवंबर 2025 के अपने आदेश में ढील देने से इनकार कर दिया था।

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