Edited By Sanjeev,Updated: 18 Sep, 2026 11:00 AM

आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के खिलाफ एक अनोखे विरोध प्रदर्शन में युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे और उनके समर्थकों ने बुधवार को निफाड नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी के दफ्तर में चार-पांच छोटे आवारा कुत्ते छोड़ दिए। प्रदर्शनकारियों ने कुत्तों को...
नासिक : आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के खिलाफ एक अनोखे विरोध प्रदर्शन में युवा सेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधावे और उनके समर्थकों ने बुधवार को निफाड नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी के दफ्तर में चार-पांच छोटे आवारा कुत्ते छोड़ दिए। प्रदर्शनकारियों ने कुत्तों को मुख्य अधिकारी धीरज भामरे की मेज पर भी रखा और नोटों की माला पहनाई, ताकि वे इस समस्या को हल करने में नगर निकाय की कथित विफलता पर अपना गुस्सा जाहिर कर सकें।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि निफाड शहर और उसके आस-पास के इलाकों में आवारा कुत्तों की आबादी काफी बढ़ गई है जिससे कुत्ते के काटने की कई घटनाएं हुई हैं। उनके अनुसार बच्चे, महिलाएं, बुज़ुर्ग और दोपहिया वाहन चलाने वाले लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आवारा कुत्तों के झुंड ने निवासियों के बीच डर का माहौल बना दिया है और हमलों के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा दिया है।
कई शिकायतें और ज्ञापन सौंपने के बावजूद कार्रवाई नहीं
रंधावे ने कहा कि नागरिकों ने बार-बार नसबंदी अभियान, कुत्ते पकड़ने वाले दस्ते और आबादी को नियंत्रित करने वाले लगातार कार्यक्रमों जैसे उपायों की मांग की थी। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन को कई शिकायतें और ज्ञापन सौंपने के बावजूद कोई असरदार कार्रवाई नहीं की गई।
इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का मकसद
आंदोलनकारियों ने कहा कि इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का मकसद नगर प्रशासन तक इस समस्या की गंभीरता को सीधे तौर पर पहुंचाना था। दफ्तर के अंदर कुत्ते छोड़े जाने से नगर पंचायत मुख्यालय में थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। यह कहते हुए कि लोग अब सिर्फ आश्वासन नहीं चाहते, वे कार्रवाई चाहते हैं, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन समस्या का समाधान करने में विफल रहता है तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। रंधावे ने कहा कि अगर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो निवासी एक बार फिर सरकारी दफ्तरों के अंदर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
मुख्य अधिकारी धीरज भामरे दिया भरोसा
मुख्य अधिकारी धीरज भामरे ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन तुरंत इस मामले की समीक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत ने पहले ही आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए उपाय शुरू कर दिए हैं और शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए और कदम उठाएगी।