Edited By Sahil Kumar,Updated: 23 Feb, 2026 03:55 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ग्लोबल टैरिफ ऐलान के बाद चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया। एमसीएक्स पर चांदी 11,756 रुपये बढ़कर 2,64,700 रुपये प्रति किलो पहुंच गई, जबकि आईबीजेए के अनुसार दाम करीब 20,000 रुपये चढ़े। वैश्विक बाजार में भी कीमतें...
नेशनल डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ग्लोबल टैरिफ ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है। हफ्ते की शुरुआत में ही चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया, जहां घरेलू वायदा बाजार से लेकर वैश्विक स्तर तक दामों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। एक ही कारोबारी सत्र में चांदी करीब 20 हजार रुपये तक उछल गई, जिससे निवेशक और कारोबारी दोनों हैरान रह गए।
एमसीएक्स पर रिकॉर्ड तेजी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 मार्च डिलीवरी वाली चांदी के वायदा भाव में 4.65 प्रतिशत की मजबूती आई। कीमत 11,756 रुपये बढ़कर 2,64,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,60,028 रुपये का निचला और 2,68,875 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ। इससे पहले पिछले सत्र में यह 2,52,944 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
IBJA के आंकड़ों में भी उछाल
इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, शुक्रवार को चांदी का भाव 2,45,564 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो सोमवार को बढ़कर 2,65,550 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। यानी एक झटके में करीब 19,986 रुपये की तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। दोपहर 3 बजे तक दाम 4.10 डॉलर चढ़कर 86 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गए।
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने चांदी में आई इस तेज उछाल के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए हैं:
वायदा कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी
चांदी के फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट की अवधि समाप्ति के करीब है। ऐसे समय में शॉर्ट कवरिंग बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में तेज उछाल आता है।
चीन में औद्योगिक मांग की वापसी
लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के बाद चीन में औद्योगिक गतिविधियां दोबारा रफ्तार पकड़ रही हैं। चीन वैश्विक स्तर पर बड़ी कमोडिटी खपत वाला देश है, ऐसे में मांग बढ़ने की उम्मीद से कीमतों को सहारा मिला।
टैरिफ और ट्रेड वॉर की आशंका
ट्रंप के टैरिफ ऐलान से अमेरिका-चीन के बीच तनाव बढ़ने की आशंका गहराई है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। सोने के साथ चांदी में भी सेफ हेवन खरीदारी बढ़ी है।
2026 तक क्या रह सकता है लक्ष्य?
अजय केडिया के अनुसार, मौजूदा हालात में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। यदि टैरिफ विवाद और वैश्विक तनाव बढ़ता है तो कीमतों में और तेजी संभव है, हालांकि ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। उनका अनुमान है कि आने वाले समय में चांदी 2,90,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छू सकती है।