Edited By Rohini Oberoi,Updated: 06 Jun, 2026 04:28 PM

गुजरात के सूरत शहर से एक बेहद डरा देने वाली और सांसें अटका देने वाली घटना सामने आई है। यहां के पॉश इलाके वेसू (Vesu) में स्थित 'गैलोपिट कमर्शियल कॉम्प्लेक्स' (Gallopit Commercial Complex) की एक लिफ्ट अचानक तकनीकी खराबी के चलते बीच में ही ठप हो...
Surat Lift Incident : गुजरात के सूरत शहर से एक बेहद डरा देने वाली और सांसें अटका देने वाली घटना सामने आई है। यहां के पॉश इलाके वेसू (Vesu) में स्थित 'गैलोपिट कमर्शियल कॉम्प्लेक्स' (Gallopit Commercial Complex) की एक लिफ्ट अचानक तकनीकी खराबी के चलते बीच में ही ठप हो गई।
इस बड़े हादसे के कारण एक 7 साल के मासूम बच्चे सहित कुल 7 लोग करीब 45 मिनट तक मौत और जिंदगी के बीच जूझते रहे। अंधेरे और दम घोटने वाले माहौल के बीच फंसे लोग मदद के लिए चीखते रहे लेकिन बेसमेंट में होने के कारण उनकी आवाज बाहर नहीं आ पा रही थी।
यह भी पढ़ें: Delhi Weather Today: दिल्ली में वीकेंड पर भी छाए रहेंगे बादल, आज और कल गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान
वहीं चश्मदीदों और पीड़ित परिवारों से मिली जानकारी के मुताबिक यह हादसा कैनाल रोड पर बने कॉम्प्लेक्स में हुआ। लिफ्ट सामान्य रूप से नीचे की तरफ जा रही थी। जैसे ही वह माइनस-थ्री (-3) यानी तीसरे बेसमेंट लेवल पर पहुंची तभी एक जोरदार झटका लगा और लिफ्ट अचानक रुक गई।
लिफ्ट रुकते ही उसके अंदर का वेंटिलेशन सिस्टम (हवा आने का रास्ता), पंखे और लाइट पूरी तरह बंद हो गए। पल भर में पूरी लिफ्ट के अंदर घाघ अंधेरा छा गया और लोगों का दम घुटने लगा।
लिफ्ट के भीतर फंसे लोगों के लिए वो 45 मिनट किसी नरक से कम नहीं थे क्योंकि मदद बुलाने के सारे रास्ते बंद हो चुके थे। लिफ्ट जमीन से तीन मंजिल नीचे (बेसमेंट) में अटकी थी जिसके कारण सभी के मोबाइल फोन के नेटवर्क पूरी तरह गायब हो गए। कोई भी अपने परिजनों या फायर ब्रिगेड को फोन नहीं कर पा रहा था। लिफ्ट के अंदर लगा इमरजेंसी अलार्म बेल (खतरे का बटन) भी तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रहा था जिससे कॉम्प्लेक्स के गार्ड्स को भी हादसे की भनक नहीं लगी।
यह भी पढ़ें: Rajasthan में पुलिस का बड़ा एक्शन, काली फिल्म, हूटर और गलत नंबर प्लेट वाली 4,800 से ज्यादा गाड़ियों पर गिरी गाज
काफी देर तक जब लिफ्ट ऊपर नहीं आई तब कॉम्प्लेक्स के मेंटेनेंस स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों को कुछ गड़बड़ी का अहसास हुआ। आनन-फानन में लिफ्ट तकनीशियनों (Technicians) को बुलाया गया। भारी मशक्कत और कड़ी मेहनत के बाद लिफ्ट के दरवाजे को कटर और चाबी की मदद से खोला गया।
करीब पौने एक घंटे तक बिना हवा और रोशनी के तड़प रहे 7 साल के बच्चे और अन्य 6 लोगों को जब बाहर निकाला गया तब तक उनकी हालत पसीने से तर-बतर और बेहद खराब हो चुकी थी।
गनीमत यह रही कि समय रहते सबको सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने कॉम्प्लेक्स प्रशासन के खिलाफ मेंटेनेंस में लापरवाही बरतने को लेकर भारी नाराजगी जताई है।