Edited By Tanuja,Updated: 17 Mar, 2026 12:02 PM

पाकिस्तान की काबुल एयरस्ट्राइक में 400 मौतों के दावे के बाद अफगान-तालिबान भड़क गया है। अस्पताल पर हमले को लेकर बदले की कसम खाई गई है। Durand Line पर भारी झड़पें जारी हैं और पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
International Desk: भारत के पड़ोस में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। Pakistan और Afghanistan के बीच चल रहा संघर्ष अब खुले युद्ध की तरफ बढ़ता दिख रहा है, जिससे पूरे दक्षिण एशिया में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। अफगान अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत राजधानी Kabul में बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। इस हमले में एक अस्पताल भी निशाना बना, जिसमें लगभग 400 लोगों की मौत और 250 के घायल होने का दावा किया गया है। Islamic Emirate of Afghanistan के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने साफ कहा है कि अब बातचीत का समय खत्म हो चुका है। उन्होंने बदले की कसम खाते हुए पाकिस्तान को भारी कीमत चुकाने की चेतावनी दी है। तालिबान ने साफ कहा कि हमारे बेकसूर 400 लोगों की मौत का ऐसा बदला लेंगे पाकिस्तान रोएगा व तड़पेगा।
Pakistan सरकार ने इस कार्रवाई को ‘आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला’ बताया है। पाकिस्तान का कहना है कि यह ऑपरेशन उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी था और उन ठिकानों को निशाना बनाया गया जो पाकिस्तान में हमलों को बढ़ावा दे रहे थे। अफगानिस्तान के रक्षा अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर काबुल पर हमला हुआ, तो जवाब Islamabad को मिलेगा। तालिबान ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों, जिनमें नूर खान एयरबेस भी शामिल है, को निशाना बनाया है।
Durand Line पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच लगातार भारी गोलाबारी हो रही है। सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और किसी भी समय बड़ा सैन्य संघर्ष भड़क सकता है। काबुल हमले के बाद पूरे इलाके में गुस्सा और तनाव चरम पर है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर हालात नहीं संभले, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसका असर दक्षिण एशिया और मध्य एशिया दोनों पर पड़ेगा।
भारत के लिए क्यों चिंता बढ़ी?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष बढ़ता है, तो इसका असर सीधे भारत पर पड़ सकता है। इससे सीमा सुरक्षा पर दबाव, शरणार्थी संकट, क्षेत्रीय व्यापार और सुरक्षा पर असर पड़ेगा इसलिए भारत के लिए यह स्थिति बेहद संवेदनशील और चिंताजनक बन गई है।