Edited By Anu Malhotra,Updated: 30 Jun, 2026 01:09 PM

Home Delivery: तमिलनाडु के तिरुपुर जिले से एक दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां 32 वर्षीय एक महिला की घर पर प्रसव कराने की कोशिश के बाद मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला के पति ने इंटरनेट पर उपलब्ध YouTube वीडियो देखकर डिलीवरी कराने की...
Home Delivery: तमिलनाडु के तिरुपुर जिले से एक दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां 32 वर्षीय एक महिला की घर पर बच्चे की डिलवरी कराने की कोशिश के बाद मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला के पति ने इंटरनेट पर YouTube वीडियो देखकर डिलीवरी कराने की कोशिश की थी। डिलवरी के बाद महिला को गंभीर रक्तस्राव हुआ, जिसके चलते इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घर पर कराया गया प्रसव
जानकारी के अनुसार, उथुकुली इलाके के एक गांव में रहने वाली महिला को 24 जून की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार ने अस्पताल जाने के बजाय घर पर ही बच्चे का जन्म कराने का फैसला किया। इस दौरान महिला के पति और उसकी सास ने मिलकर प्रसव कराया। बताया जा रहा है कि उन्होंने नोर्मल डिलवरी से जुड़े ऑनलाइन वीडियो देखकर प्रक्रिया को अपनाने की कोशिश की। महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया, लेकिन डिलीवरी के बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई।
डिलीवरी के बाद हुआ भारी रक्तस्राव
प्रसव के बाद महिला का प्लेसेंटा (गर्भनाल) पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया। इस वजह से उसे पोस्टपार्टम हैमरेज (Postpartum Hemorrhage) यानी डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। परिवार ने पहले उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज किया गया।
हालत गंभीर होने पर अगले दिन उसे कोयंबटूर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद महिला की जान नहीं बचाई जा सकी और 28 जून को उसकी मौत हो गई।
पति के खिलाफ मामला दर्ज
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने महिला के पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, महिला के मायके पक्ष ने अलग से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। परिवार का कहना है कि घर पर प्रसव कराने का फैसला दोनों पति-पत्नी ने मिलकर लिया था।
पहले सी-सेक्शन का अनुभव बना वजह
परिजनों के अनुसार, दंपति की पहले 6 साल की एक बेटी भी है। पहली डिलीवरी वर्ष 2020 में सी-सेक्शन के जरिए हुई थी। उस समय महिला को ऑपरेशन के बाद लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
इसी अनुभव के कारण दंपति ने इस बार अस्पताल के बजाय प्राकृतिक तरीके से घर पर प्रसव कराने का फैसला किया। लेकिन उन्होंने किसी डॉक्टर, प्रशिक्षित नर्स या दाई की सलाह नहीं ली और केवल ऑनलाइन वीडियो के भरोसे डिलीवरी कराने की कोशिश की, जो अंततः जानलेवा साबित हुई।