Edited By Rohini Oberoi,Updated: 17 Apr, 2026 03:40 PM

तमिलनाडु राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के छात्रों ने कुलपति द्वारा दी गई उस सलाह पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाओं का शॉर्ट्स पहनना 'यौन उत्पीड़न के लिए उकसाता' है। इसके चलते रात भर विरोध प्रदर्शन हुए और छात्रों ने उनसे माफी...
नेशनल डेस्क। तमिलनाडु राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के छात्रों ने कुलपति द्वारा दी गई उस सलाह पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाओं का शॉर्ट्स पहनना 'यौन उत्पीड़न के लिए उकसाता' है। इसके चलते रात भर विरोध प्रदर्शन हुए और छात्रों ने उनसे माफी मांगने की मांग की।
टीएनएनएलयू के एक सूत्र ने कुलपति की टिप्पणी को पिता तुल्य सलाह बताया और कहा कि यह 'संस्थान की प्रतिष्ठा के हित में दी गई है।' नागराज ने 15 अप्रैल को कक्षा प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कथित तौर पर टिप्पणी की कि 'शॉर्ट्स' पहनने वाली लड़कियां 'यौन उत्पीड़न के लिए उकसाती हैं और अन्य छात्रों तथा शिक्षकों का ध्यान भटकाती हैं।' इस टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया और छात्रों ने बृहस्पतिवार रात को कुलपति के खिलाफ कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां पकड़ी हुई थीं जिन पर लिखा था, कपड़ों को नहीं, मानसिकता को दोष दें। विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तनाव को कम करने के उद्देश्य से इसे "पिता तुल्य सलाह" बताया। बाद में, नागराज ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया था।
उन्होंने कहा, 'मैं दाखिला प्रक्रिया और हमारे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा के बारे में बात कर रहा था और छात्रों से इसे बढ़ावा देने का आग्रह कर रहा था। मैंने यह बयान इसी संदर्भ में दिया था... मेरी निजी राय में, यदि आप संस्थान की प्रतिष्ठा में सुधार करना चाहते हैं, तो शालीन पहनावा एक कारक हो सकता है।' उन्होंने विवाद खड़ा करने वाली टिप्पणी के बारे में किसी भी प्रश्न का उत्तर देने से इनकार कर दिया।