पहलगाम पहली बार नहीं... J&K में आतंकी टूरिस्ट को पहले भी बनाते रहे हैं निशाना, जानें कब-कब हुए ऐसे हमले

Edited By Updated: 23 Apr, 2025 06:45 AM

terrorists have targeted tourists in j k in the past as well

जम्मू और कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में अबतक 26 पर्यटकों की जान जा चुकी है। दो दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। मृतकों में पर्यटक और स्थानीय दोनों शामिल हैं। पिछले ढाई दशक में यह कश्मीर में पर्यटकों पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला...

नेशनल डेस्कः जम्मू और कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में अबतक 26 पर्यटकों की जान जा चुकी है। दो दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। मृतकों में पर्यटक और स्थानीय दोनों शामिल हैं। पिछले ढाई दशक में यह कश्मीर में पर्यटकों पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है।

हमले के बाद फरार हुए आतंकियों को मार गिराने के लिए सुरक्षा बल ने भी बड़ा अभियान छेड़ दिया है। कश्मीर में यह हमला उस समय हुआ, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत दौरे पर आए हैं। साल 2000 से अब तक जम्मू-कश्मीर में आतंकी कई बार पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीयों को अपना निशाना बना चुके हैं। 

साल 2000 के बाद जम्मू-कश्मीर में आम लोगों पर हुए बड़े आतंकी हमले...

21 मार्च, 2000 – छत्तीसिंहपोरा नरसंहार (अनंतनाग)

सिख अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर किए गए इस जघन्य हमले में 36 निर्दोष सिख मारे गए थे। यह पहली बार था जब सिख समुदाय को इतनी बड़ी संख्या में टारगेट किया गया।

अगस्त, 2000 – नुनवान बेस कैंप हमला (पहलगाम)

अमरनाथ यात्रा के लिए एकत्र तीर्थयात्रियों पर किए गए इस आतंकी हमले में करीब 32 लोगों की मौत हो गई थी। 

जुलाई, 2001 – शेषनाग बेस कैंप हमला

एक बार फिर अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाया गया। इस हमले में 13 यात्रियों की मौत हुई थी।

1 अक्टूबर, 2001 – श्रीनगर विधानमंडल पर हमला

यह पहला मौका था जब जम्मू-कश्मीर विधानमंडल को सीधे निशाना बनाया गया। आत्मघाती हमले में 36 लोग मारे गए।

2002 – चंदनवारी बेस कैंप पर हमला

इस बार फिर अमरनाथ यात्रा को टारगेट किया गया और 11 यात्रियों की जान चली गई।

23 नवंबर, 2002 – लोअर मुंडा में आईईडी ब्लास्ट

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर हुए इस हमले में 19 लोग मारे गए, जिनमें सुरक्षाकर्मी, महिलाएं और बच्चे शामिल थे।

23 मार्च, 2003 – नंदीमार्ग गांव (पुलवामा)

आतंकियों ने आधी रात में गांव पर धावा बोला और 24 कश्मीरी पंडितों (जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे) की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

13 जून, 2005 – पुलवामा कार विस्फोट

एक स्कूल के बाहर खड़ी विस्फोटक से लदी कार फटी, जिसमें 13 लोगों की मौत और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए।

12 जून, 2006 – कुलगाम में टारगेट किलिंग

इस हमले में 9 प्रवासी मजदूर, जिनमें नेपाली और बिहारी नागरिक शामिल थे, को गोलियों से भून दिया गया।

10 जुलाई, 2017 – अमरनाथ बस पर हमला

कुलगाम जिले में अमरनाथ यात्रा पर जा रही बस पर हमला हुआ, जिसमें 8 श्रद्धालु मारे गए। 

22 अप्रैल, 2025 – पहलगाम (बैसारन घाटी) हमला

TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) द्वारा किए गए इस भीषण हमले में अब तक 25 से ज्यादा लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हो चुके हैं। यह 2019 के बाद घाटी में सबसे घातक हमला माना जा रहा है। हमले की भयावहता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि पीड़ितों में नौसेना, आईबी, विदेशी नागरिक, कारोबारी, मजदूर और मासूम पर्यटक तक शामिल हैं।

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