बंगाल सरकार ने 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया, 100 को 'कारण बताओ नोटिस'

Edited By Updated: 13 Sep, 2026 07:19 PM

the bengal government ordered the closure of 252 madrasas

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यव्यापी सर्वेक्षण के बाद 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है और करीब 100 अन्य को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। सर्वेक्षण में पाया गया कि इनमें से कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी...

नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यव्यापी सर्वेक्षण के बाद 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है और करीब 100 अन्य को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। सर्वेक्षण में पाया गया कि इनमें से कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी नहीं थी और वहां बुनियादी ढांचे का भी अभाव था। अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग के मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा कि जिन मदरसों के पास जरूरी मंजूरी है, वे संचालित होते रहेंगे। विभाग ने सरकारी और निजी मदरसों के बुनियादी ढांचे, मंजूरी की स्थिति और प्रबंधन व्यवस्था का आकलन करने के लिए जून की शुरुआत से पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण किया था।

अधिकारियों ने बताया कि संबंधित मदरसों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनके जवाबों की पड़ताल करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। टुडू ने बताया कि यह कवायद विभिन्न जिलों में अधिकृत और अनधिकृत मदरसों की संख्या का पता लगाने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर शुरू की गई थी। मंत्री ने कहा, ''कुल 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया गया है, जबकि 100 अन्य को जरूरी मंजूरी और बुनियादी ढांचा नहीं होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं।''

राज्य के पंचायती राज मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि मदरसों को लेकर कई विवाद सामने आए हैं और दावा किया कि कई मामलों में चरमपंथी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार लोगों के कुछ ऐसे संस्थानों में शिक्षक के रूप में काम करने की बात सामने आई थी। उन्होंने कहा, ''मदरसों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलती रही हैं। ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां मदरसों से लोग राष्ट्रविरोधी गतिविधियां संचालित कर रहे थे।

कानून के मुताबिक और सरकार की अनुमति से संचालित मदरसे काम करते रहेंगे, लेकिन सरकार मदरसों को मनमाने ढंग से खोले जाने और परेशानी पैदा करने की अनुमति नहीं देगी।'' विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि सभी मदरसों को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।

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