कल खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट,  श्रद्धालुओं को इन नियमों का सख्ती से करना होगा पालन नहीं तो ...

Edited By Updated: 21 Apr, 2026 08:02 PM

the doors of kedarnath dham will open tomorrow devotees must strictly follow th

उत्तराखंड की हिमाच्छादित उच्च पर्वत माला पर अवस्थित आस्था और श्रद्धा के प्रतीक भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार को प्रात: 08:00 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ...

 नेशनल डेस्क: उत्तराखंड की हिमाच्छादित उच्च पर्वत माला पर अवस्थित आस्था और श्रद्धा के प्रतीक भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार को प्रात: 08:00 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। मंगलवार को भगवान बाबा केदार नाथ की पंचमुखी उत्सव डोली धाम पहुंच गई है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अनुष्ठान में होंगे शामिल 
22 अप्रैल सुबह कपाट खुलने के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी धाम पहुंचेंगे तथा परंपरानुसार धार्मिक अनुष्ठान एवं पूजा-अर्चना में सम्मिलित होंगे। कपाट खुलने की तिथि जैसे जैसे निकट आ रही है, श्रद्धालु बेहद उत्साहित हैं। देश-विदेश से इस अवसर पर 22756 श्रद्धालु दर्शन करेंगे। शासन, प्रशासन और केदारनाथ बदरीनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से सड़कों की मरम्मत एवं सुचारू यातायात व्यवस्था, पैदल मार्ग पर शौचालय, आवास, खान-पान एवं पेयजल की सुविधा, विद्युत एवं सोलर लाइट की समुचित व्यवस्था तथा प्रत्येक दो किलोमीटर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा सहायता केंद्र (एमआरपी) की स्थापना की गई है।

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स्वच्छता पर रहेगा विशेष ध्यान 
इसके अतिरिक्त, पैदल मार्ग तथा धाम क्षेत्र में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए आधुनिक शौचालयों की व्यवस्था एवं गर्म पानी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। सुरक्षा के द्दष्टिगत पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं। यात्रा मार्ग एवं धाम क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सहज यात्रा का अनुभव मिल सके। 

श्रद्धालुओं सुविधा का प्रबंध
देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने यात्रा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है। राजस्थान से आए शेर सिंह, ऋषिकेश से सौरभ कालरा, देहरादून से ध्रुव, चमोली से पुष्पा बिष्ट एवं नरेंद्र बिष्ट तथा पौड़ी से आई सोनाली नेगी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने स्वच्छता, सुविधाओं एवं बेहतर प्रबंधन के लिए प्रशासन की सराहना की। 

फोटो या वीडियो बनाने पर होगी कार्रवाई 
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी ने यूनीवार्ता को बताया कि मंदिर परिसर में अब मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह फैसला मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन ले जाना, फोटो या वीडियो बनाना और रील्स रिकॉडर् करना सख्त मना है। इन नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले किसी भी श्रद्धालु के खिलाफ कानूनी कारर्वाई की जाएगी।
 

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