Edited By Rohini Oberoi,Updated: 22 Aug, 2026 03:35 PM

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। 1 सितंबर 2026 से देश के सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर इमिग्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और झंझट-मुक्त बनाया जा रहा है। अब यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर फिजिकल बोर्डिंग...
नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। 1 सितंबर 2026 से देश के सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर इमिग्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और झंझट-मुक्त बनाया जा रहा है। अब यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर फिजिकल बोर्डिंग पास दिखाने या उस पर मुहर लगवाने की जरूरत नहीं होगी।
यात्री अपने स्मार्टफोन में मौजूद ई-बोर्डिंग पास दिखाकर ही आसानी से इमिग्रेशन क्लियरेंस प्राप्त कर सकेंगे। नए नियमों के तहत अब यात्रियों को प्रिंटेड बोर्डिंग पास संभालने और उसकी सुरक्षा की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। मोबाइल में सेव ई-बोर्डिंग पास दिखाते ही क्लियरेंस मिल जाएगा।
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फिजिकल बोर्डिंग पास पर नहीं लगाए जाएंगे स्टैंप
अब इमिग्रेशन अधिकारी फिजिकल बोर्डिंग पास पर स्टैंप नहीं लगाएंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल डेटा सत्यापन पर आधारित होगी जिससे एयरपोर्ट पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी। यदि कोई यात्री अपनी सुविधा के लिए प्रिंटेड बोर्डिंग पास साथ लाता है तो उसे रोका नहीं जाएगा। वह उसका इस्तेमाल कर सकेगा हालांकि उस पर भी मुहर नहीं लगाई जाएगी।

बता दें कि इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सभी एयरपोर्ट ऑपरेटरों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अब सभी हितधारकों से 1 सितंबर से पहले आवश्यक तकनीकी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा को अधिक तेज, सुगम और पूरी तरह से पेपरलेस बनाना है।