बिहार की ट्रेनों में बंगाल वाले गैंग का आतंक खत्म! 8 महिलाओं समेत 10 गिरफ्तार, लाखों के जेवर बरामद

Edited By Updated: 12 Feb, 2026 11:59 AM

the terror of the bengal gang on bihar trains has ended 10 people including 8

दानापुर रेल पुलिस ने ट्रेनों में हो रही जेवर चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। पुलिस ने इस मामले में आठ महिलाओं सहित कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 25 से 30 लाख रुपये मूल्य के जेवरात...

नेशनल डेस्क: दानापुर रेल पुलिस ने ट्रेनों में हो रही जेवर चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। पुलिस ने इस मामले में आठ महिलाओं सहित कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 25 से 30 लाख रुपये मूल्य के जेवरात बरामद किए गए हैं। बरामद सामान पश्चिम बंगाल और झारखंड के धनबाद से मिला है। सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

बंगाल से आकर करते थे चोरी
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पश्चिम बंगाल से बिहार आता था और ट्रेनों तथा रेलवे स्टेशनों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। वारदात के बाद ये लोग तुरंत अपने राज्य लौट जाते थे। चोरी किए गए जेवरात को दूसरे स्थानों पर भेज दिया जाता था ताकि पुलिस को सुराग न मिले। गिरोह की खास बात यह थी कि इसमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे। भीड़-भाड़ का फायदा उठाकर ये लोग यात्रियों के बैग और पर्स से कीमती सामान निकाल लेते थे और आसानी से निकल जाते थे।


टिफिन बॉक्स में रखे जेवर हुए चोरी
यह मामला 8 फरवरी की सुबह का है। बक्सर जिले की रहने वाली रिंकू कुमारी, जो फिलहाल शाहपुर थाना क्षेत्र के रघुरामपुर में रहती हैं, अपनी चचेरी ननद की शादी में शामिल होने दानापुर स्टेशन आई थीं। वह विभूति एक्सप्रेस पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर इंतजार कर रही थीं। ट्रेन में चढ़ने के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी ने उनके पर्स से टिफिन डिब्बे में रखे जेवरात निकाल लिए। घटना की जानकारी मिलते ही रेलकर्मियों और परिजनों ने तुरंत रेल पुलिस को सूचित किया।


सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता
रेल डीएसपी कंचन राज के अनुसार, सूचना मिलते ही दानापुर और पाटलिपुत्र जीआरपी, आरपीएफ, डीआईयू और सीआईडी की संयुक्त टीम बनाई गई। स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद खगौल लख, सचिवालय क्षेत्र, मोकामा सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के कुल्टी थाना क्षेत्र के बराकर इलाके के रहने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।


बरामद हुए ये सामान
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पश्चिम बंगाल और धनबाद से चोरी किए गए जेवरात बरामद किए। इस दौरान पश्चिम बंगाल के वर्धमान के कुल्टी थाना क्षेत्र के बीरी कंगाल बराकर निवासी अमृता पासी उर्फ उपीना पासी, सितारा पासी, मेथुनी पासी, पूजा पासी, नेष्ठा पासी, मनीषा कुमारी, बिच्छुआ पासी, जुगनी पासी, विजय पासी और करण पासी को गिरफ्तार किया गया। 


पश्चिम बंगाल और धनबाद से चोरी किए गए जेवरात बरामद 
सभी आरोपी खगौल के लखपर में रहते थे। इनकी निशानदेही पर पश्चिम बंगाल और धनबाद से चोरी किए गए सभी जेवरात बरामद हुए, जिनमें सोने की चेन, हीरा की अंगुठी, मंगलसूत्र, कानबाली, चांदी का लॉकेट, ब्रेसलेट, चांदी की सिकड़ी और मोबाइल शामिल हैं।


गिरोह का सरगना और आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का संचालन जुगनी पासी और उसके पति विजय पासी कर रहे थे। गिरोह की पांच महिलाएं पहले भी पटना जंक्शन, किऊल और मुजफ्फरपुर सहित कई रेल थानों में आपराधिक मामलों में शामिल रह चुकी हैं।


बच्चों का भी करते थे इस्तेमाल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने रिश्तेदारों के बच्चों को भी गिरोह में शामिल कर लेते थे। छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने से लोगों को शक कम होता था। भीड़भाड़ के दौरान महिलाएं और बच्चे मिलकर चोरी को अंजाम देते थे।


पुलिस की अपील
रेल पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने सामान की विशेष सावधानी रखें, भीड़ में सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

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