उम्र 30 के पार? वो गंभीर बीमारियां जो महिलाओं की सेहत को अंदर ही अंदर कर रही हैं खोखला, वक्त रहते कर लें पहचान

Edited By Updated: 08 Mar, 2026 12:23 PM

these 5 diseases are becoming silent killers for women

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान और मानसिक तनाव के कारण महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जागरूकता की कमी और समय पर जांच न कराने की वजह से कई बीमारियां जानलेवा साबित हो रही हैं।...

Common Health Issues in Women : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान और मानसिक तनाव के कारण महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जागरूकता की कमी और समय पर जांच न कराने की वजह से कई बीमारियां जानलेवा साबित हो रही हैं। रिपोर्ट बताती है कि 50% से अधिक महिलाएं पोषण की कमी (Malnutrition) का शिकार हैं जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है। यहां उन 5 बीमारियों का विवरण है जिनसे हर महिला को सावधान रहने की जरूरत है:

1. एनीमिया (खून की कमी): सबसे आम दुश्मन

भारत में हर दूसरी महिला एनीमिया से जूझ रही है। शरीर में आयरन की कमी के कारण हीमोग्लोबिन गिर जाता है।

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2. पीसीओएस (PCOS): हॉर्मोन्स का बिगड़ता खेल

हॉर्मोनल असंतुलन की वजह से 'पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम' अब कम उम्र की लड़कियों में भी आम हो गया है।

  • लक्षण: पीरियड्स का अनियमित होना, चेहरे पर अनचाहे बाल, अचानक वजन बढ़ना और मुंहासे। इसे इग्नोर करने पर आगे चलकर मां बनने (Infertility) में दिक्कत आ सकती है।

यह भी पढ़ें: कहीं आपके भी पेरेंट्स तो नहीं हो रहे इस बीमारी का शिकार? जानें इसके स्टेज और देखभाल का सही तरीका

3. ब्रेस्ट कैंसर: गांठ की पहचान है जरूरी

महिलाओं में होने वाले कैंसरों में स्तन कैंसर सबसे ऊपर है।

  • चेतावनी: अगर स्तन में किसी भी तरह की गांठ, आकार में बदलाव या दर्द महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। 40 की उम्र के बाद नियमित 'मैमोग्राफी' कराना जीवन रक्षक साबित हो सकता है।

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4. सर्वाइकल कैंसर: एचपीवी का खतरा

गर्भाशय के निचले हिस्से में होने वाला यह कैंसर 'ह्यूमन पैपिलोमा वायरस' (HPV) के कारण होता है।

  • लक्षण: असामान्य ब्लीडिंग, पेल्विक पेन और कमजोरी। अच्छी बात यह है कि अब इसके लिए वैक्सीन उपलब्ध है और नियमित 'पैप स्मीयर' टेस्ट से इसका शुरुआती स्टेज में पता लगाया जा सकता है।

5. एचआईवी और मानसिक बीमारियां

असुरक्षित स्वास्थ्य आदतों और जागरूकता की कमी से एचआईवी/एड्स का खतरा भी बना रहता है। इसके अलावा महिलाएं तेजी से अवसाद (Depression) और दिल की बीमारियों की शिकार हो रही हैं।

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विशेषज्ञों की सलाह (Self-Care Tips):

  • कैल्शियम और आयरन: अपनी डाइट में इन दो तत्वों की कमी न होने दें।

  • स्क्रीनिंग: साल में कम से कम एक बार फुल बॉडी चेकअप जरूर कराएं।

  • तनाव मुक्त रहें: योग और मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

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