Young Generation Alert! युवाओं के लिए खतरा बन रही यह बीमारी, हर 7 में से 1 मरीज हो रहा इसका शिकार

Edited By Updated: 26 Feb, 2026 12:43 PM

the disease of the elderly now affects the young stroke patients under 45

कुछ दशक पहले तक ब्रेन स्ट्रोक को बुढ़ापे की बीमारी माना जाता था लेकिन अब यह धारणा पूरी तरह बदल चुकी है। एक नई और डराने वाली रिसर्च के अनुसार भारत में ब्रेन स्ट्रोक का शिकार होने वाला हर सातवां मरीज 45 साल से कम उम्र का है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज...

Brain Stroke in Young Adults : कुछ दशक पहले तक ब्रेन स्ट्रोक को बुढ़ापे की बीमारी माना जाता था लेकिन अब यह धारणा पूरी तरह बदल चुकी है। एक नई और डराने वाली रिसर्च के अनुसार भारत में ब्रेन स्ट्रोक का शिकार होने वाला हर सातवां मरीज 45 साल से कम उम्र का है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इंफॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च (NCDIR) द्वारा किए गए इस शोध ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

क्या कहती है रिसर्च?

'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ स्ट्रोक' में प्रकाशित इस अध्ययन में 2020 से 2022 के बीच देश के 30 बड़े अस्पतालों के 35,000 मरीजों का डेटा विश्लेषण किया गया।

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जवानी में स्ट्रोक आने के 5 मुख्य कारण

विशेषज्ञों के अनुसार खराब जीवनशैली युवाओं की नसों में 'बम' फोड़ रही है:

  1. हाई ब्लड प्रेशर (High BP): रिसर्च में पाया गया कि 75% मरीजों को हाई बीपी की समस्या थी। यह स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण है।

  2. डायबिटीज (Sugar): करीब 27% मरीज मधुमेह से पीड़ित थे जो नसों को कमजोर कर देता है।

  3. तंबाकू और स्मोकिंग: 20% मरीज किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे थे।

  4. खराब स्लीप पैटर्न: नींद की कमी और तनाव सीधे तौर पर मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहे हैं।

  5. पुरानी चोट: कुछ मामलों में मस्तिष्क की पुरानी चोट (Brain Injury) भी भविष्य में स्ट्रोक का कारण बनी।

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लक्षण पहचानें: FAST फॉर्मूला याद रखें

स्ट्रोक आने पर शरीर ये संकेत देता है जिन्हें पहचानना जान बचा सकता है:

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  • F (Face): चेहरे का एक तरफ झुक जाना या टेढ़ा होना।

  • A (Arms): शरीर के एक हिस्से या हाथ-पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन।

  • S (Speech): बोलने में लड़खड़ाहट या आवाज का साफ न निकलना।

  • T (Time): तेज सिरदर्द या धुंधला दिखना। ऐसे में बिना देरी किए अस्पताल भागें।

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बचाव के गोल्डन रूल्स

अपनी जीवनशैली में ये छोटे बदलाव आपको स्ट्रोक के खतरे से दूर रख सकते हैं:

  • नियमित जांच: हर 6 से 8 महीने में अपना ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल जरूर चेक कराएं।

  • एक्टिव रहें: रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या व्यायाम करें।

  • खान-पान: भोजन में नमक की मात्रा कम रखें और जंक फूड से बचें।

  • नशे से दूरी: तंबाकू, सिगरेट और शराब का सेवन पूरी तरह बंद कर दें।

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